रिश्तों में प्रेम प्राप्ति एवं विवादों से मुक्ति के लिए पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र काशी विशेष 20,000 शुक्र मूल मंत्र जाप और नव चंडी यज्ञ
रिश्तों में प्रेम प्राप्ति एवं विवादों से मुक्ति के लिए पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र काशी विशेष 20,000 शुक्र मूल मंत्र जाप और नव चंडी यज्ञ
रिश्तों में प्रेम प्राप्ति एवं विवादों से मुक्ति के लिए पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र काशी विशेष 20,000 शुक्र मूल मंत्र जाप और नव चंडी यज्ञ
रिश्तों में प्रेम प्राप्ति एवं विवादों से मुक्ति के लिए पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र काशी विशेष 20,000 शुक्र मूल मंत्र जाप और नव चंडी यज्ञ
रिश्तों में प्रेम प्राप्ति एवं विवादों से मुक्ति के लिए पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र काशी विशेष 20,000 शुक्र मूल मंत्र जाप और नव चंडी यज्ञ
रिश्तों में प्रेम प्राप्ति एवं विवादों से मुक्ति के लिए पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र काशी विशेष 20,000 शुक्र मूल मंत्र जाप और नव चंडी यज्ञ
रिश्तों में प्रेम प्राप्ति एवं विवादों से मुक्ति के लिए पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र काशी विशेष 20,000 शुक्र मूल मंत्र जाप और नव चंडी यज्ञ
पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र काशी विशेष

20,000 शुक्र मूल मंत्र जाप और नव चंडी यज्ञ

रिश्तों में प्रेम प्राप्ति एवं विवादों से मुक्ति के लिए
temple venue
श्री दुर्गा कुंड मंदिर, काशी
pooja date
Warning Infoइस पूजा की बुकिंग बंद हो गई है
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
अब तक2,00,000+भक्तोंश्री मंदिर द्वारा आयोजित पूजाओ में भाग ले चुके हैं

रिश्तों में प्रेम प्राप्ति एवं विवादों से मुक्ति के लिए पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र काशी विशेष 20,000 शुक्र मूल मंत्र जाप और नव चंडी यज्ञ

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रह एवं नक्षत्रों को सभी चीजों का मूल माना जाता है। ग्रहों की चाल और उनकी दशा के आधार पर व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक एवं नकारात्मक दोनों प्रभाव देखने को मिलते हैं। इनमें से एक महत्वपूर्ण ग्रह शुक्र हैं। जब कुंडली में शुक्र मजबूत होता है तो उस व्यक्ति को वैवाहिक सुख, भौतिक सुख, प्रतिभा, सौंदर्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है, वहीं अगर शुक्र कमजोर होता है तो दांपत्य जीवन सफल नहीं होता व अन्य कई बुरी आदतें लग जाती हैं। शुक्र ग्रह के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए शुक्र मूल मंत्र जाप को अत्यंत लाभकारी बताया गया है।

पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का स्वामी शुक्र ग्रह है, इसलिए यह पूजा इस विशेष नक्षत्र में कराने से अधिक प्रभावशाली होगी। माना जाता है कि शुक्र के नक्षत्र यानि पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र पर देवी पूजा का महत्व अधिक है। इसलिए इस शुभ नक्षत्र पर शुक्र मूल मंत्र जाप के साथ नव चंडी यज्ञ का भी आयोजन किया जा रहा है। नवचंडी यज्ञ एक प्रकार की नव दुर्गा पूजा है, जो स्वास्थ्य, धन, शक्ति, समृद्धि, सफलता और कई अन्य कारणों के लिए की जाती है। श्री मंदिर के माध्यम से पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र पर होने वाली 20,000 शुक्र मूल मंत्र जाप और नव चंडी यज्ञ में अवश्य भाग लें और रिश्तों में प्रेम प्राप्ति एवं विवादों से मुक्ति का आशीष पाएं।

पूजा लाभ

puja benefits
रिश्तों में प्रेम प्राप्ति
कई बार कपल को रिश्ते में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है जिससे प्रेम भावना में कमी हो सकती है। शुक्र प्रेम, सौंदर्य और सद्भाव का प्रतिनिधित्व करता है। शुक्र मूल मंत्र जाप करने से शुक्र की ऊर्जाओं में सामंजस्य स्थापित करने में मदद मिलती है, जिससे जुनून और प्यार की संतुलित अभिव्यक्ति होती है। यह संतुलन जातकों में गहरे भावनात्मक रिश्ते का निर्माण करने में सहायक होता है जिससे रिश्तों में प्रेम बढ़ता है। इसके अलावा, नव चंडी यज्ञ करने से भी रिश्तों में सद्भाव की भावना बढ़ती है।
puja benefits
विवादों से मुक्ति के लिए
पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र के दौरान शुक्र मूल मंत्र का जाप करने से रिश्तों में विवादों को सुलझाने में सहायत होती है। नव चंडी यज्ञ रिश्तों के बीच समझ, धैर्य और सहयोग को बढ़ावा देने में सहायक होता है, जिससे विवादों का अंत होता है और खुशहाल रिश्ते का निर्माण होता है।
puja benefits
आपसी समझ बढ़ाने के लिए
शुक्र मूल मंत्र जाप के साथ नव चंडी यज्ञ करने से कपल के बीच समझ बढ़ती है, जिससे बेहतर संचार होता है, एक दूसरे के लिए सहानुभूति बढ़ती है जो बेहतरीन रिश्ते के लिए सहायक होते हैं। पार्टनर एक-दूसरे के लक्ष्यों और आकांक्षाओं का समर्थन करते हुए अधिक प्रभावी ढंग से एक साथ काम करते हैं, जो एक खुशहाल एवं लंबे समय तक चलने वाले रिश्ते की नींव होती है।

पूजा प्रक्रिया

Number-0

पूजा चयन करें

4 विभिन्न पूजा पैकेज ऑप्शन से चयन करें।
Number-1

अर्पण जोड़ें

अपनी पूजा के साथ गौ सेवा, वस्त्र दान, दीप दान भी करें। पूजा के लिए भुगतान करें।
Number-2

संकल्प विवरण दर्ज करें

अपना नाम और गोत्र दर्ज करें।
Number-3

पूजा दिन

अनुभवी पंडितों द्वारा वैदिक प्रक्रिया के अनुसार पूजा होगी। आपको अपने WhatsApp नंबर पर अपडेट्स मिलेंगे।
Number-4

पूजा वीडियो एबं तीर्थ प्रसाद डिलीवरी

अपने पंजीकृत WhatsApp नंबर पर पूजा के 4-5 दिनों में पूजा वीडियो एबं आपके दिए गए पते पर 8-10 दिनों बाद तीर्थ प्रसाद प्राप्त करें ।

श्री दुर्गा कुंड मंदिर, काशी

श्री दुर्गा कुंड मंदिर, काशी
भगवान शिव की नगरी काशी में स्थापित श्री दुर्गा कुंड मंदिर, जहाँ माँ आदिशक्ति दुर्गा अदृश्य रूप में विराजमान है। मान्यता है की माता रानी का यह मंदिर आदिकालीन है तथा यह सिद्ध मंदिर काशी के प्राचीनतम मंदिरों में से एक माना जाता है। इस मंदिर का उल्लेख स्कन्द पुराण के काशी खंड में भी पाया जाता है। इस मंदिर में माँ दुर्गा यंत्र के रूप में विराजमान है। इस मंदिर का जीर्णोद्धार 17वीं शताब्दी में रानी भवानी ने करवाया था। इस मंदिर के एक तरफ कुंड है, जिसे दुर्गा कुंड कहा जाता है।

मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है की शुंभ-निशुंभ का वध करने के बाद मातारानी ने यहाँ विश्राम किया था। भक्तों में यह आस्था है की माँ दुर्गा यहाँ अपने चौथे स्वरुप कुष्मांडा के रूप में स्थित है। इसलिए नवरात्रि में इस मंदिर में देश के हर एक कोने से असंख्य श्रद्धालु दर्शन एवं पूजा-अर्चना करने आते हैं और अपनी मनोकामना पूर्ण होने का आशीष प्राप्त करते हैं।

कैसा रहा श्री मंदिर पूजा सेवा का अनुभव?

क्या कहते हैं श्रद्धालु?
User review
User Image

जय राज यादव

दिल्ली
User review
User Image

रमेश चंद्र भट्ट

नागपुर
User review
User Image

अपर्णा मॉल

पुरी
User review
User Image

शिवराज डोभी

आगरा
User review
User Image

मुकुल राज

लखनऊ
User review
User Image

सुनील कुमार सैनी

चंडीगढ़

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों