
तुलसी माता की आरती का नियमित पाठ करने से भक्तों को मानसिक शांति, स्वास्थ्य, और पारिवारिक संबंधों में सुधार प्राप्त होता है।
जय जय तुलसी माता, माँ तुलसी की सबसे प्रसिद्ध आरती है। यह प्रसिद्ध आरती तुलसी माता से सम्बन्धित अधिकांश अवसरों पर गायी जाती है। मान्यताओं के अनुसार तुलसी के पौधे में धन की देवी मां लक्ष्मी का वास होता है। ऐसी मान्यता है कि प्रतिदिन तुलसी की आरती करने से घर में समृद्धि आती है और आर्थिक परेशानियां दूर हो जाती हैं।
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जय जय तुलसी माता, सब जग की सुखदाता।
सब योगों के ऊपर, सब भोगों के ऊपर,
रुज से रक्षा कर भव त्राता।
॥ जय जय तुलसी माता ॥
बटु पुत्री है श्यामा सुर बल्ली है ग्राम्या,
विष्णु प्रिये जो तुमको सेवे, सो नर तर जाता।
॥ जय जय तुलसी माता ॥
हरि के शीश विराजत त्रिभुवन से हो वंदित,
पतित जनों की तारिणी, तुम हो विख्याता।
॥ जय जय तुलसी माता ॥
लेकर जन्म विजन में आई दिव्य भवन में,
मानव लोक तुम्हीं से, सुख संपत्ति पाता।
॥ जय जय तुलसी माता ॥
हरि को तुम अति प्यारी श्याम वर्ण कुमारी,
प्रेम अजब है उनका तुम से कैसा नाता।
॥ जय जय तुलसी माता ॥
जय जय तुलसी माता, सब जग की सुखदाता।
सब योगों के ऊपर, सब भोगों के ऊपर,
रुज से रक्षा कर भव त्राता।
॥ जय जय तुलसी माता ॥
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