मणिपुर के सबसे सुंदर और ऐतिहासिक मंदिर! कौन से हैं ये 11 प्रसिद्ध मंदिर और क्यों हैं ये खास? जानने के लिए आगे पढ़ें!
मणिपुर में कई मंदिर हैं। यहाँ के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से कंगला देवी मंदिर, श्री श्री गोविंदजी मंदिर भी काफी प्रसिद्ध हैं। इन मंदिरों में वास्तुकला और धार्मिक अनुष्ठान महत्वपूर्ण हैं। मणिपुर के लोग इन मंदिरों में श्रद्धा भाव से पूजा अर्चना करते हैं जो यहाँ की सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा हैं।अगर आप भी इन मंदिरों में जाना चाहते हैं और इसके बारे में जानना भी चाहते हैं तो हमारे इस आर्टिकल को पढ़ें और जानें इन मंदिरों के बारे में!
पखांगबा मंदिर मणिपुर के इम्फाल पश्चिम जिले में ऐतिहासिक कंगला किले के भीतर स्थित है। कंगला किला मणिपुर की ऐतिहासिक धरोहर है, और यहाँ स्थित पखांगबा मंदिर मणिपुर के सांस्कृतिक और धार्मिक जीवन में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यह पखांगबा मंदिर देवता पखांगबा को समर्पित है, जो मणिपुर की प्राचीन धार्मिक परंपराओं में एक प्रमुख देवता माने जाते हैं। पखांगबा को मणिपुर के शाही परिवार के पूर्वज के रूप में पूजा जाता है। यह मंदिर सनमाही धर्म के अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है। सनमाही धर्म मणिपुर का एक प्राचीन धर्म है, जिसमें प्रकृति और देवताओं की पूजा की जाती है। मंदिर के अंदर की दीवारों और स्तंभों पर उकेरी गई नक्काशी मणिपुरी कला और संस्कृति को दर्शाती है।
थांगजिंग मंदिर मणिपुर के मोइरांग क्षेत्र में स्थित है। यह मंदिर उस क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थल के रूप में जाना जाता है। थांगजिंग मंदिर देवता थांगजिंग को समर्पित है, जिन्हें मोइरांग क्षेत्र का रक्षक देवता माना जाता है। देवता थांगजिंग की पूजा मणिपुर की प्राचीन धार्मिक परंपराओं का एक हिस्सा है। उनके बारे में अनेक लोककथाएं प्रचलित हैं, जो इस क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाती हैं। यह मंदिर न केवल धार्मिक स्थल है, बल्कि यह मणिपुरी कला और संस्कृति का भी प्रमुख प्रतीक है। आगंतुक यहाँ आकर इस क्षेत्र की धार्मिक विविधता और सांस्कृतिक समृद्धि का अनुभव कर सकते हैं।
नित्यानंद और नरसिंह मंदिर इम्फाल में स्थित हैं। ये मंदिर भगवान विष्णु के विभिन्न रूपों को समर्पित हैं - नित्यानंद और नरसिंह। नित्यानंद और नरसिंह मंदिर भगवान विष्णु के रूपों नित्यानंद और नरसिंह को समर्पित हैं। नित्यानंद विष्णु का एक रूप है, जो विशेष रूप से भक्तों को शांति और समृद्धि प्रदान करने के लिए पूजा जाता है। वहीं, नरसिंह भगवान विष्णु का रौद्र रूप है, जो असुरों का वध करने के लिए प्रसिद्ध है। इस मंदिर का इतिहास मणिपुर में विष्णु पूजा की प्राचीन परंपरा से जुड़ा हुआ है। नित्यानंद और नरसिंह मंदिर में विशेष रूप से विष्णु के विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है।
मणिपुर एक ऐसा स्थान है जहाँ भगवान श्री कृष्ण के प्रति श्रद्धा और आस्था गहरी जड़ें जमाई हुई हैं। यहाँ कई मंदिर हैं जो भगवान श्री कृष्ण को समर्पित हैं, और इनमें से एक प्रमुख और सबसे सुंदर कृष्ण मंदिर है। यह मंदिर अपनी धार्मिक महत्ता और वास्तुकला के कारण न केवल मणिपुर बल्कि दूर-दूर से आने वाले पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के लिए भी एक प्रमुख आकर्षण स्थल है। कृष्ण मंदिर, मणिपुर के इम्फाल जिले के ब्राह्मपुर गुरु अरिबम लेikai में स्थित है, जो इम्फाल नदी के किनारे स्थित है। यह मंदिर नदी के शांत और पवित्र वातावरण में बसा हुआ है, जो भक्तों को शांति और आध्यात्मिक उन्नति की अनुभूति कराता है। यहाँ भगवान श्री कृष्ण की उपासना, भजन कीर्तन, और अन्य धार्मिक अनुष्ठान नियमित रूप से किए जाते हैं। इस मंदिर में भगवान श्री कृष्ण की प्रतिमा अत्यंत आकर्षक और दिव्य है, जिसे देख भक्तों को विशेष आध्यात्मिक शांति भक्तों को ध्यान और साधना के लिए प्रेरित करता है।
श्री श्री जगन्नाथ मंदिर मणिपुर का एक प्रमुख हिंदू धार्मिक स्थल है, जो इम्फाल में स्थित है। यह मंदिर भगवान जगन्नाथ, उनकी बहन सुभद्रा और भाई बलराम को समर्पित है। इस मंदिर का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व अत्यधिक है और यह मंदिर पूरे मणिपुर राज्य के भक्तों के लिए एक आस्था का केंद्र है। यहां हर वर्ष रथ यात्रा का आयोजन बड़े धूमधाम से किया जाता है, जिसमें हजारों भक्त रथों को खींचने के लिए आते हैं। इस आयोजन के दौरान मंदिर में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी होता है, जो भव्य और आकर्षक होते हैं। रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना के साथ-साथ विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान भी किए जाते हैं। इस मंदिर में अन्य प्रमुख हिंदू त्योहारों जैसे कि होली, दशहरा, गणेश चतुर्थी और नाग पंचमी भी धूमधाम से मनाए जाते हैं। इम्फाल शहर में स्थित इस मंदिर तक सड़क मार्ग से आसानी से पहुँचा जा सकता है। निकटतम हवाई अड्डा बिर टिकेंद्रजीत अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो इम्फाल से करीब 7 किमी दूर है। इसके अलावा, इम्फाल रेलवे स्टेशन भी यहां से करीब है।
महाबली मंदिर मणिपुर के एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिरों में से एक है, जो भगवान हनुमान को समर्पित है। यह मंदिर इम्फाल में स्थित है और इसे राजा गरिबनवाज द्वारा बनवाया गया था। यह मंदिर अपने आसपास के सुंदर बाग-बगिचों के लिए भी प्रसिद्ध है, जो पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। यहाँ हनुमानजी की पूजा बड़े श्रद्धा भाव से की जाती है, और यह स्थान धार्मिक अनुष्ठानों, भजन-कीर्तन और संतों के उपदेशों का आयोजन करने के लिए भी प्रसिद्ध है। यहाँ के शांत और पवित्र वातावरण में लोग मानसिक शांति और संतुलन का अनुभव करते हैं। महाबली मंदिर इम्फाल शहर में स्थित है और यहां सड़क मार्ग से आसानी से पहुँचा जा सकता है। निकटतम हवाई अड्डा बिर टिकेंद्रजीत अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो इम्फाल शहर से लगभग 7 किमी दूर है।
श्री गोविंदा मंदिर मणिपुर के प्रमुख कृष्ण मंदिरों में से एक है, जो भगवान श्री कृष्ण को समर्पित है। यह मंदिर इम्फाल के पूर्वी हिस्से में स्थित है और अपनी सुंदरता और भव्यता के कारण दूर-दूर से पर्यटकों को आकर्षित करता है। यह मंदिर सोने की चमक से बना है, जिससे यह दूर से ही दिखाई देता है। यहाँ भगवान श्री कृष्ण की पूजा बड़े श्रद्धा भाव से की जाती है और यहाँ के शांतिपूर्ण वातावरण में लोग आस्था और भक्ति का अनुभव करते हैं। श्री गोविंदा मंदिर इम्फाल के पूर्वी क्षेत्र में स्थित है। इम्फाल शहर में यह मंदिर आसानी से पहुँचने योग्य है। निकटतम हवाई अड्डा बिर टिकेंद्रजीत अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है और रेलवे स्टेशन भी पास में स्थित है।
सनामाही मंदिर मणिपुर का एक प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर है, जो भगवान सनामाही को समर्पित है। इस मंदिर की वास्तुकला बहुत ही अद्वितीय है, क्योंकि इसे अष्टकोणीय (आठ कोनों वाली) आकार में बनाया गया है और इसके छतों की संरचना पिरामिड के आकार की है। मंदिर में भगवान सनामाही की पूजा बड़े श्रद्धा भाव से की जाती है और यहाँ आने वाले भक्त अपने सभी दुखों और कष्टों को दूर करने की कामना करते हैं। सनामाही मंदिर इम्फाल शहर में स्थित है और यहाँ तक सड़क मार्ग से आसानी से पहुँचा जा सकता है। निकटतम हवाई अड्डा बिर टिकेंद्रजीत अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो इम्फाल शहर से करीब है।
श्री गोपीनाथ मंदिर मणिपुर का दूसरा सबसे बड़ा मंदिर है, जो बिष्णुपुर जिले में स्थित है। यह मंदिर भगवान गोपीनाथ को समर्पित है और यहाँ की भव्यता एक सफेद विशाल संरचना में दिखाई देती है। यहाँ होली, दिवाली, जन्माष्टमी और दुर्गा पूजा जैसे प्रमुख धार्मिक उत्सवों को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यहाँ हर साल लाखों भक्त पूजा-अर्चना करने के लिए आते हैं। यह मंदिर श्रद्धालुओं और पर्यटकों दोनों के लिए एक प्रमुख स्थल है। श्री गोपीनाथ मंदिर इम्फाल से लगभग 35 किमी दूर स्थित है। यहाँ तक पहुँचने के लिए इम्फाल से सड़क मार्ग से यात्रा की जा सकती है। निकटतम रेलवे स्टेशन बिष्णुपुर है, और हवाई अड्डा इम्फाल के बिर टिकेंद्रजीत अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से है।
हियांगथांग लैरेम्बी मंदिर मणिपुर के सबसे प्रमुख देवी मंदिरों में से एक है, जो देवी लैरेम्बी को समर्पित है। यह मंदिर अपनी विस्तृत और आकर्षक वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ की रंग-बिरंगी दीवारें और विस्तृत डिजाइन लोगों को सकारात्मक ऊर्जा और शक्ति का अनुभव कराती हैं। इस मंदिर में देवी लैरेम्बी की पूजा के दौरान भक्तों में दिव्य ऊर्जा का संचार होता है। यह मंदिर मणिपुर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है। हियांगथांग लैरेम्बी मंदिर हियांगथांग शहर में स्थित है, जो इम्फाल से सड़कीय मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है। यहाँ तक पहुँचने के लिए सार्वजनिक परिवहन का उपयोग किया जा सकता है।
श्याम राय मंदिर, इंफाल में स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जो संस्कृतियों का अद्भुत मिश्रण प्रस्तुत करता है। यह मंदिर भगवान श्री कृष्ण को समर्पित है जो न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी यह क्षेत्र की समृद्धि को दर्शाता है। मंदिर की संरचना और शिल्पकारी इस स्थान की धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता को पूरी तरह से उजागर करती है। यह मंदिर प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहता है। मंदिर इंफाल शहर के केंद्र में स्थित है और यहाँ पहुँचने के लिए सड़क मार्ग, टैक्सी या लोकल परिवहन का उपयोग किया जा सकता है। इसके पास स्थित वांगैचुंगपाओ रेलवे स्टेशन और बिर टिकेंद्रजीत अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा इसे यात्रा के लिए और भी सुलभ बनाते हैं। साथ ही, इंफाल गुवाहाटी इंटरस्टेट बस टर्मिनल भी पास में है, जिससे बस के माध्यम से भी यहाँ पहुँचा जा सकता है।
मणिपुर के अद्भुत धार्मिक स्थल, जो न केवल भक्ति के प्रतीक हैं बल्कि यह मणिपुर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर का भी अहम हिस्सा है। इन मंदिरों की विशेषता उनके इतिहास, सांस्कृतिक महत्व और अद्वितीय वास्तुकला में निहित है। यहाँ की वास्तुकला, धार्मिक अनुष्ठान, और शांति का अनुभव भक्तों को एक अद्वितीय आध्यात्मिक यात्रा पर ले जाता है। इस मंदिर का दर्शन करने से मन, आत्मा और शरीर को शांति मिलती है और यह मणिपुर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक बन चुका है। इसके अलावा यह राज्य उन सभी यात्रियों के लिए आदर्श स्थल है, जो इतिहास, संस्कृति, धार्मिक स्थल और प्रकृति के बीच संतुलन चाहते हैं। मणिपुर की अनोखी सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर आपको यहां की यात्रा में एक अनूठा अनुभव प्रदान करती है, जो आपकी यात्रा को अविस्मरणीय बना देती है।
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