चिंता, डिप्रेशन एवं नकारात्मकता से मुक्ति के लिए मूल नक्षत्र विशेष केतु ग्रह शांति विशेष 1008 केतु मूल मंत्र जाप और यज्ञ
चिंता, डिप्रेशन एवं नकारात्मकता से मुक्ति के लिए मूल नक्षत्र विशेष केतु ग्रह शांति विशेष 1008 केतु मूल मंत्र जाप और यज्ञ
चिंता, डिप्रेशन एवं नकारात्मकता से मुक्ति के लिए मूल नक्षत्र विशेष केतु ग्रह शांति विशेष 1008 केतु मूल मंत्र जाप और यज्ञ
चिंता, डिप्रेशन एवं नकारात्मकता से मुक्ति के लिए मूल नक्षत्र विशेष केतु ग्रह शांति विशेष 1008 केतु मूल मंत्र जाप और यज्ञ
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चिंता, डिप्रेशन एवं नकारात्मकता से मुक्ति के लिए मूल नक्षत्र विशेष केतु ग्रह शांति विशेष 1008 केतु मूल मंत्र जाप और यज्ञ
चिंता, डिप्रेशन एवं नकारात्मकता से मुक्ति के लिए मूल नक्षत्र विशेष केतु ग्रह शांति विशेष 1008 केतु मूल मंत्र जाप और यज्ञ
मूल नक्षत्र विशेष

केतु ग्रह शांति विशेष 1008 केतु मूल मंत्र जाप और यज्ञ

चिंता, डिप्रेशन एवं नकारात्मकता से मुक्ति के लिए
temple venue
श्री बृहस्पति मंदिर, काशी, उत्तर प्रदेश
pooja date
Warning Infoइस पूजा की बुकिंग बंद हो गई है
srimandir devotees
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अब तक2,00,000+भक्तोंश्री मंदिर द्वारा आयोजित पूजाओ में भाग ले चुके हैं

चिंता, डिप्रेशन एवं नकारात्मकता से मुक्ति के लिए मूल नक्षत्र विशेष केतु ग्रह शांति विशेष 1008 केतु मूल मंत्र जाप और यज्ञ

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार केतु किसी भी व्यक्ति की कुंडली में एक महत्वपूर्ण ग्रह माना गया है, जिसकी स्थिति के आधार पर किसी के जीवन में नकारात्मक और सकारात्मक दोनों ही प्रभाव देखने को मिलते हैं। केतु की अगर गलत स्थिति में हो तो व्यक्ति में अक्सर पूर्ण वैराग्य, हानि, नासमझ और भ्रम जैसी भावना आती है। मूल नक्षत्र का स्वामी केतु ग्रह है। मान्यता है कि मूल नक्षत्र के दौरान केतु की पूजा करने से जीवन में चिंता, नकारात्मकता के अलावा चिंता एवं अवसाद को दूर करने में मदद मिलती है। दिनांक 26 मई 2024 को काशी के श्री बृहस्पति मंदिर में केतु ग्रह शांति विशेष 1008 केतु मूल मंत्र जाप एवं यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इस मूल नक्षत्र विशेष पूजा में भाग लें और केतु के अशुभ प्रभाव से मुक्त होकर सुखी जीवन का आशीष पाएं।

पूजा लाभ

puja benefits
चिंता एवं अवसाद से राहत
कुंडली में केतु की स्थिति व्यक्ति के जीवन के विभिन्न क्षेत्रों को प्रभावित करती है, जिसमें उनकी मानसिक स्थिति भी है। केतु के अशुभ स्थान पर विराजित होने से व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पडता है, जिससे वह भ्रम, तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं से ग्रसित हो जाता है। शास्त्रों में बताया गया है कि अगर मूल नक्षत्र में केतु की पूजा की जाए तो इन अशुभ प्रभावों से मुक्ति मिलती है।
puja benefits
अच्छे स्वास्थ्य के लिए
केतु ग्रह का व्यक्ति के स्वास्थ्य से गहरा संबंध है। इसलिए, किसी व्यक्ति की कुंडली में केतु की कोई भी अशुभ स्थिति कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है। केतु की गलत स्थिति तंत्रिका और पाचन तंत्र से संबंधित बीमारियों और पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है। इसके अलावा जोड़ों में तेज दर्द, लगातार खांसी होना, शरीर में सामान्य कमजोरी एवं त्वचा रोग का खतरा बना रहता है। माना जाता है कि 1008 केतु मूल मंत्र जाप और यज्ञ करने से भक्तों को उनके स्वास्थ्य पर केतु के नकारात्मक प्रभावों से बचाया जाता है और उन्हें अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिलता है।
puja benefits
कार्य में सफलता
यह महापूजा जातक के किसी कार्य या फिर करियर में सफलता पाने में बाधा बन रहे सभी दुष्प्रभावों से छुटकारा दिलाती है, मानसिक शांति में वृद्धि करती है, ध्यान व एकाग्रता में सुधार करती है और कार्यक्षेत्र में विकास, उन्नति व सफलता के अवसर प्रदान करती है।

पूजा प्रक्रिया

Number-0

पूजा चयन करें

4 विभिन्न पूजा पैकेज ऑप्शन से चयन करें।
Number-1

अर्पण जोड़ें

अपनी पूजा के साथ गौ सेवा, वस्त्र दान, दीप दान भी करें। पूजा के लिए भुगतान करें।
Number-2

संकल्प विवरण दर्ज करें

अपना नाम और गोत्र दर्ज करें।
Number-3

पूजा दिन

अनुभवी पंडितों द्वारा वैदिक प्रक्रिया के अनुसार पूजा होगी। आपको अपने WhatsApp नंबर पर अपडेट्स मिलेंगे।
Number-4

पूजा वीडियो एबं तीर्थ प्रसाद डिलीवरी

अपने पंजीकृत WhatsApp नंबर पर पूजा के 4-5 दिनों में पूजा वीडियो एबं आपके दिए गए पते पर 8-10 दिनों बाद तीर्थ प्रसाद प्राप्त करें ।

श्री बृहस्पति मंदिर,काशी, उत्तर प्रदेश

श्री बृहस्पति मंदिर,काशी, उत्तर प्रदेश
महादेव की नगरी काशी में श्री बृहस्पति मंदिर का विशेष स्थान है। काशी खंड के अनुसार, मंगल, शनि, एवं बृहस्पति (गुरु) से जुड़ा एक रोचक प्रसंग मिलता है। कहा जाता है कि ऋषि अंगिरस ने इसी स्थान पर भगवान शिव की उपासना की थी, और उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर शिव जी ने उन्हें बृहस्पति अर्थात् गुरु नाम देकर आकाशीय पिंडों में सबसे विशेष स्थान दिया था, तभी से भगवान शिव बृहस्पति के रूप में इस मंदिर में विराजमान हैं।

मोक्ष की नगरी काशी में दशाश्वमेध घाट पर स्थित इस मंदिर में भक्तों की समस्त इच्छाओं को पूर्ण करने के वाले रुद्राभिषेक और गुरु शांति यज्ञ का आयोजन किया जाता है। बृहस्पति के प्रतिकूल प्रभाव को समाप्त करने के लिए यहां हर गुरुवार या गुरु नक्षत्र के दौरान विशेष पूजा की जाती है। इस मंदिर में बृहस्पति गुरु शांति यज्ञ में शामिल होने वाले भक्तों को धन, सम्मान, प्रसिद्धि, ज्ञान, बुद्धि, संतान सहित जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता मिलती है।

कैसा रहा श्री मंदिर पूजा सेवा का अनुभव?

क्या कहते हैं श्रद्धालु?
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