पितृ दोष से मुक्ति एवं पारिवारिक एकता के लिए हरिद्वार गंगा घाट विशेष नारायण बलि, नाग बलि और पितृ शांति महापूजा
पितृ दोष से मुक्ति एवं पारिवारिक एकता के लिए हरिद्वार गंगा घाट विशेष नारायण बलि, नाग बलि और पितृ शांति महापूजा
पितृ दोष से मुक्ति एवं पारिवारिक एकता के लिए हरिद्वार गंगा घाट विशेष नारायण बलि, नाग बलि और पितृ शांति महापूजा
पितृ दोष से मुक्ति एवं पारिवारिक एकता के लिए हरिद्वार गंगा घाट विशेष नारायण बलि, नाग बलि और पितृ शांति महापूजा
पितृ दोष से मुक्ति एवं पारिवारिक एकता के लिए हरिद्वार गंगा घाट विशेष नारायण बलि, नाग बलि और पितृ शांति महापूजा
पितृ दोष से मुक्ति एवं पारिवारिक एकता के लिए हरिद्वार गंगा घाट विशेष नारायण बलि, नाग बलि और पितृ शांति महापूजा
हरिद्वार गंगा घाट विशेष

नारायण बलि, नाग बलि और पितृ शांति महापूजा

पितृ दोष से मुक्ति एवं पारिवारिक एकता के लिए
temple venue
श्री गंगा घाट, हरिद्वार , उत्तराखंड
pooja date
Warning Infoइस पूजा की बुकिंग बंद हो गई है
srimandir devotees
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अब तक2,00,000+भक्तोंश्री मंदिर द्वारा आयोजित पूजाओ में भाग ले चुके हैं

पितृ दोष से मुक्ति एवं पारिवारिक एकता के लिए हरिद्वार गंगा घाट विशेष नारायण बलि, नाग बलि और पितृ शांति महापूजा

विश्व विख्यात धर्मनगरी हरिद्वार में कई ऐसे पौराणिक स्थान हैं, जिनका उल्लेख धार्मिक ग्रंथों में भी किया गया है। यहां मौजूद गंगा घाटों को लेकर पौराणिक मान्यता है कि इस स्थान पर गंगा स्नान, पिंड दान और पितरों के निमित्त किए गए कार्यों का विशेष महत्व है। शास्त्रों में नारायण बलि का मुख्य उद्देश्य पितृदोष निवारण करना और नागबलि का उद्देश्य सर्प या नाग की हत्या के दोष का निवारण करना बताया गया है। पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए नारायण बलि, नाग बलि सबसे बड़ी पूजा मानी जाती है और इसके बारे में स्वयं भगवान विष्णु ने पुराणों में बताया है।

गरुड़ पुराण में भगवान विष्णु पक्षीराज गरुड़ देव को बताते हैं कि यदि किसी व्यक्ति की अकाल मृत्यु होती है या वो किसी दुर्घटना एवं बुरे कर्मों के कारण मरता है तो उसे प्रेत योनि प्राप्त होती है। ऐसे में व्यक्तियों की सद्गति के लिए नारायण बलि, नाग बलि की पूजा करवानी चाहिए। भगवान विष्णु आगे बताते हैं कि इस विशेष पूजा को किसी पवित्र नदी जैसे गंगा के किनारे अनुभवी पंडित द्वारा संपन्न करवाना चाहिए। यही कारण है कि गंगा घाट हरिद्वार जैसी पवित्र स्थल पर पूर्ण रीति-रिवाजों से की गयी नारायण बलि पूजा पितरों की आत्मा को शांति प्रदान करता है एवं परिवारजनों को पितृ दोष के प्रभावों से मुक्ति दिलाती है। इसलिए श्री मंदिर द्वारा गंगा घाट हरिद्वार में आयोजित इस महापूजा में भाग लें और पितृ का आशीष पाएं।

पूजा लाभ

puja benefits
पितृ दोष से मुक्ति
पितृ दोष के कारण लोगों के जीवन में परेशानियां समाप्त होने का नाम ही नहीं लेती हैं। व्यक्ति चाहे जितना भी प्रयास कर ले, कोई भी काम सफल नहीं होता है। शास्त्रों में पितृ दोष निवारण के लिए नारायण बलि, नाग बलि कर्म करने का विधान है। इसके अलावा पितृ शांति पूजा भी कारगर बताई गई है। हरिद्वार गंगा घाट पर इस पूजा को करने से पूर्ण फल की प्राप्ति होती है।
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पारिवारिक एकता के लिए
कई बार कुछ घरों में पारिवारिक क्लेश कि कोई ठोस वजह तो नहीं होती लेकिन हमेशा ही तनाव का माहौल बना रहता है। घर में क्लेश होने का एक कारण पितृ दोष भी माना गया है, ऐसे में हरिद्वार गंगा घाट पर इस पूजा को करने से पारिवारिक क्लेश से मुक्ति मिलती है और एकता का निर्माण होता है।
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स्वस्थ जीवन की प्राप्ति
पितृ दोष के कारण परिवार में शारीरिक या मानसिक बीमारियाँ हो सकती हैं। पितृ दोष से प्रभावित व्यक्तियों को बार-बार स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, पुरानी बीमारियों के लिए उचित उपचार खोजने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। हरिद्वार गंगा घाट पर की जाने वाली ये पूजा स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने में मददगार होती है और इससे स्वस्थ एवं खुशहाल जीवन का आशीष प्राप्त होता है।

पूजा प्रक्रिया

Number-0

पूजा चयन करें

4 विभिन्न पूजा पैकेज ऑप्शन से चयन करें।
Number-1

अर्पण जोड़ें

अपनी पूजा के साथ गौ सेवा, वस्त्र दान, दीप दान भी करें। पूजा के लिए भुगतान करें।
Number-2

संकल्प विवरण दर्ज करें

अपना नाम और गोत्र दर्ज करें।
Number-3

पूजा दिन

अनुभवी पंडितों द्वारा वैदिक प्रक्रिया के अनुसार पूजा होगी। आपको अपने WhatsApp नंबर पर अपडेट्स मिलेंगे।
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पूजा वीडियो एबं तीर्थ प्रसाद डिलीवरी

अपने पंजीकृत WhatsApp नंबर पर पूजा के 4-5 दिनों में पूजा वीडियो एबं आपके दिए गए पते पर 8-10 दिनों बाद तीर्थ प्रसाद प्राप्त करें ।

श्री गंगा घाट, हरिद्वार , उत्तराखंड

श्री गंगा घाट, हरिद्वार , उत्तराखंड
पूरे विश्व में हरिद्वार, एक तीर्थ स्थल के रूप में जाना जाता है, इसे कुंभ नगरी के नाम से भी जाना जाता है। महाकुंभ के दौरान हजारों लाखों की संख्या में देश-विदेश से लोग गंगा में डुबकी लगाने आते हैं। वहीं, हरिद्वार में कुछ प्राचीन घाट भी हैं जिनकी मान्यता प्राचीन ग्रंथों में भी लिखी हुई है। शास्त्रों में नारायण बलि का मुख्य उद्देश्य पितृदोष निवारण करना और नागबलि का उद्देश्य सर्प या नाग की हत्या के दोष का निवारण करना बताया गया है।

श्री गंगा घाट पर इस पूजा को करने से पितृ दोष का निवारण होगा। मान्यता है कि यहां पूरे रीति-रिवाजों के नारायण बलि पूजा आत्मा को शुद्धि प्रदान करते हैं। हरिद्वार में हो रही नारायण बलि, नाग बलि एवं पितृ शांति महापूजा करने से पितरों को शांति मिलती है और कुंडली से पितृ दोष की समस्त नकारात्मकताएं भी दूर हो जाती हैं।

कैसा रहा श्री मंदिर पूजा सेवा का अनुभव?

क्या कहते हैं श्रद्धालु?
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