चिंता, अवसाद एवं नशे की लत्त पर काबू पाने के लिए ग्रह दोष निवारण विशेष 18,000 राहु मूल मंत्र जाप एवं 10,000 चन्द्रमा मूल मंत्र जाप और हवन
चिंता, अवसाद एवं नशे की लत्त पर काबू पाने के लिए ग्रह दोष निवारण विशेष 18,000 राहु मूल मंत्र जाप एवं 10,000 चन्द्रमा मूल मंत्र जाप और हवन
चिंता, अवसाद एवं नशे की लत्त पर काबू पाने के लिए ग्रह दोष निवारण विशेष 18,000 राहु मूल मंत्र जाप एवं 10,000 चन्द्रमा मूल मंत्र जाप और हवन
चिंता, अवसाद एवं नशे की लत्त पर काबू पाने के लिए ग्रह दोष निवारण विशेष 18,000 राहु मूल मंत्र जाप एवं 10,000 चन्द्रमा मूल मंत्र जाप और हवन
चिंता, अवसाद एवं नशे की लत्त पर काबू पाने के लिए ग्रह दोष निवारण विशेष 18,000 राहु मूल मंत्र जाप एवं 10,000 चन्द्रमा मूल मंत्र जाप और हवन
चिंता, अवसाद एवं नशे की लत्त पर काबू पाने के लिए ग्रह दोष निवारण विशेष 18,000 राहु मूल मंत्र जाप एवं 10,000 चन्द्रमा मूल मंत्र जाप और हवन
चिंता, अवसाद एवं नशे की लत्त पर काबू पाने के लिए ग्रह दोष निवारण विशेष 18,000 राहु मूल मंत्र जाप एवं 10,000 चन्द्रमा मूल मंत्र जाप और हवन
ग्रहण दोष निवारण विशेष

18,000 राहु मूल मंत्र जाप एवं 10,000 चन्द्रमा मूल मंत्र जाप और हवन

चिंता, अवसाद एवं नशे की लत्त पर काबू पाने के लिए
temple venue
सोमेश्वर महादेव मंदिर , प्रयागराज, उत्तर प्रदेश
pooja date
Warning Infoइस पूजा की बुकिंग बंद हो गई है
srimandir devotees
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अब तक2,00,000+भक्तोंश्री मंदिर द्वारा आयोजित पूजाओ में भाग ले चुके हैं

चिंता, अवसाद एवं नशे की लत्त पर काबू पाने के लिए ग्रह दोष निवारण विशेष 18,000 राहु मूल मंत्र जाप एवं 10,000 चन्द्रमा मूल मंत्र जाप और हवन

ज्योतिषीय शास्त्र के मुताबिक कुंडली में राहु और चंद्रमा की युति से ग्रहण योग बनता है। यह ग्रहण योग व्यक्ति को आर्थिक और मानसिक स्तर पर काफी परेशान करता है। चंद्रमा के साथ राहु के संबंध से चंद्रमा दूषित हो जाता है। इस वजह से जातक के विचारों में नकारात्मकता बढ़ जाती है और बुरे ख्यालों से वे घिर जाते हैं, इस वजह से मानसिक समस्याएं होने लगती हैं जैसे चिंता, अवसाद एवं नशे की लत्त लग जाती है। माना जाता है कि चंद्रमा और राहु का योग हो तो उसे नियमित रूप से भगवान शिव की उपासना करनी चाहिए। इसके अलावा इस ग्रहण दोष के अन्य अशुभ प्रभावों से बचने के लिए राहु मूल मंत्र जाप एवं चन्द्रमा मूल मंत्र जाप अत्यंत लाभकारी माना गया है।

वहीं सोमवार का दिन भगवान शिव के अलावा राहु और चंद्रमा को भी समर्पित है, इसलिए इस दिन राहु मूल मंत्र जाप एवं चन्द्रमा मूल मंत्र जाप करने से कुंडली में राहु चंद्रमा के कारण होने वाले इस दोष के नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है। माना जाता है कि 27 नक्षत्रों में राहु आद्रा, स्वाति और शतभिषा नक्षत्रों का स्वामी है। इसलिए सोमवार एवं स्वाति नक्षत्र के इस शुभ संयोग पर प्रयागराज के श्री सोमेश्वर महादेव मंदिर में 18,000 राहु मूल मंत्र जाप एवं 10,000 चन्द्रमा मूल मंत्र जाप और हवन का आयोजन किया जा रहा है। श्री मंदिर द्वारा इसमें भाग लें और महादेव का आशीष पाएं।

पूजा लाभ

puja benefits
चिंता व अवसाद से मुक्ति
चंद्रमा मन और भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए कुंडली में चंद्रमा की अशुभ स्थिति होने पर व्यक्ति को चिंता, तनाव एवं अवसाद का सामना करना पडता है। वहीं छाया ग्रह राहु जब कुंडली में अशुभ स्थान पर होता है तो तनाव, घबराहट जैसी समस्याएं घेर लेती है। चंद्रमा राहु की युति से बनने वाले ग्रहण दोष के इन प्रभावों से मुक्ति के लिए सोमवार को यह पूजा अत्यंत प्रभावशाली साबित हो सकती है।
puja benefits
नशे की लत्त पर काबू पाने के लिए
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में चंद्रमा राहु की युति से बनने वाले ग्रहण दोष बनता है तो इसके कारण व्यक्ति नशे की लत का शिकार हो सकता है। ऐसे में सोमवार एवं स्वाति नक्षत्र के शुभ संयोग पर 18,000 राहु मूल मंत्र जाप एवं 10,000 चन्द्रमा मूल मंत्र जाप अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है।
puja benefits
आर्थिक स्थिरता के लिए
कुंडली में चंद्रमा राहु की युति से बनने वाले ग्रहण दोष व्यक्ति आर्थिक स्थिति पर भी प्रभाव डालता है। इससे जातक को धन, संपत्ति और आर्थिक स्थिति से संबंधित समस्याओं का सामना करना पडता है। राहु एवं चंद्रमा की अशुभता को दूर करने के लिए सोमवार के दिन 18,000 राहु मूल मंत्र जाप एवं 10,000 चन्द्रमा मूल मंत्र जाप के साथ हवन करने से अत्यंत सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।

पूजा प्रक्रिया

Number-0

पूजा चयन करें

4 विभिन्न पूजा पैकेज ऑप्शन से चयन करें।
Number-1

अर्पण जोड़ें

अपनी पूजा के साथ गौ सेवा, वस्त्र दान, दीप दान भी करें। पूजा के लिए भुगतान करें।
Number-2

संकल्प विवरण दर्ज करें

अपना नाम और गोत्र दर्ज करें।
Number-3

पूजा दिन

अनुभवी पंडितों द्वारा वैदिक प्रक्रिया के अनुसार पूजा होगी। आपको अपने WhatsApp नंबर पर अपडेट्स मिलेंगे।
Number-4

पूजा वीडियो एबं तीर्थ प्रसाद डिलीवरी

अपने पंजीकृत WhatsApp नंबर पर पूजा के 4-5 दिनों में पूजा वीडियो एबं आपके दिए गए पते पर 8-10 दिनों बाद तीर्थ प्रसाद प्राप्त करें ।

सोमेश्वर महादेव मंदिर , प्रयागराज, उत्तर प्रदेश

सोमेश्वर महादेव मंदिर , प्रयागराज, उत्तर प्रदेश
प्रयागराज (इलाहाबाद) में स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर, जिसे सोमेश्वर नाथ मंदिर के नाम से भी प्रख्यात है, शहर के पवित्र स्थलों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसे एकादक्ष रुद्र के निवास के रूप में मान्यता प्राप्त है। बता दें कि सोमेश्वर महादेव रुद्रों में से एक हैं। मंदिर की विशेषता इसके त्रिशूल में समाहित है, जो पृथ्वी के चारों ओर चंद्र कक्षा के अनुरूप घूमता है।

हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, भगवान चंद्र ने अपनी सत्ताईस पत्नियों में से रोहिणी का पक्ष लिया, जिससे दक्ष प्रजापति क्रोधित हो गए। रोहिणी के प्रति अत्यधिक स्नेह के कारण दक्ष ने चंद्र को क्षय रोग का श्राप दे दिया। जब चंद्रमा भगवान विष्णु की शरण में गए, तो उन्होंने चंद्रदेव को प्रयाग में भगवान शिव की पूजा करने का सुझाव दिया। वर्षों की तपस्या के बाद, भगवान शिव ने चंद्रमा को श्राप के कारण हुए कष्ट से मुक्त किया। माना जाता है कि चंद्रमा आज भी प्रयाग में मंदिर के आसपास अमृत की वर्षा करते हैं। ऐसा माना जाता है कि जो जातक श्रद्धापूर्वक सोमेश्वरनाथ की पूजा करते हैं, उन्हें मानसिक पीड़ा और शारीरिक रोगों से मुक्ति मिलती है।

कैसा रहा श्री मंदिर पूजा सेवा का अनुभव?

क्या कहते हैं श्रद्धालु?
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जय राज यादव

दिल्ली
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रमेश चंद्र भट्ट

नागपुर
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अपर्णा मॉल

पुरी
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शिवराज डोभी

आगरा
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मुकुल राज

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सुनील कुमार सैनी

चंडीगढ़

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों