व्यावसायिक जीवन में अनुशासन प्राप्ति एवं बाधाओं पर नियंत्रण के लिए शनिवार विशेष 19,000 मूल मंत्र जाप एवं हवन
व्यावसायिक जीवन में अनुशासन प्राप्ति एवं बाधाओं पर नियंत्रण के लिए शनिवार विशेष 19,000 मूल मंत्र जाप एवं हवन
व्यावसायिक जीवन में अनुशासन प्राप्ति एवं बाधाओं पर नियंत्रण के लिए शनिवार विशेष 19,000 मूल मंत्र जाप एवं हवन
व्यावसायिक जीवन में अनुशासन प्राप्ति एवं बाधाओं पर नियंत्रण के लिए शनिवार विशेष 19,000 मूल मंत्र जाप एवं हवन
व्यावसायिक जीवन में अनुशासन प्राप्ति एवं बाधाओं पर नियंत्रण के लिए शनिवार विशेष 19,000 मूल मंत्र जाप एवं हवन
व्यावसायिक जीवन में अनुशासन प्राप्ति एवं बाधाओं पर नियंत्रण के लिए शनिवार विशेष 19,000 मूल मंत्र जाप एवं हवन
शनिवार विशेष

19,000 मूल मंत्र जाप एवं हवन

व्यावसायिक जीवन में अनुशासन प्राप्ति एवं बाधाओं पर नियंत्रण के लिए
temple venue
श्री शनिदेव मंदिर, कोसीकलां, मथुरा
pooja date
Warning Infoइस पूजा की बुकिंग बंद हो गई है
srimandir devotees
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अब तक2,00,000+भक्तोंश्री मंदिर द्वारा आयोजित पूजाओ में भाग ले चुके हैं

व्यावसायिक जीवन में अनुशासन प्राप्ति एवं बाधाओं पर नियंत्रण के लिए शनिवार विशेष 19,000 मूल मंत्र जाप एवं हवन

शनिवार का दिन शनिदेव को अत्यंति प्रिय है, यही कारण है कि इस शुभ दिन पर भक्त न्याय के देवता शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए पूजा और अनुष्ठान करते हैं। जिन लोगों पर शनिदेव की कृपा होती है उन्हें जीवन में बाधाओं का सामना नहीं करना पड़ता। जब किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि शुभ स्थिति में होते हैं तो व्यक्ति को हर कार्य में सफलता मिलती है। इसके विपरीत, यदि शनि अशुभ स्थिति में हो तो बने बनाए काम भी बिगड़ने लगते हैं।

शनिदेव को प्रसन्न करने के वैसे तो कई उपाय हैं लेकिन उनमें मंत्रों के जाप का विशेष महत्व है। ऐसा माना जाता है कि शनिवार के दिन हवन करने के साथ शनि देव के मूल मंत्र का जाप करने से जीवन के सभी प्रकार के कष्ट दूर हो जाते हैं। यह व्यावसायिक जीवन में अनुशासन प्राप्त करने और बाधाओं से उबरने में भी मदद करता है। शनि की महादशा 19 वर्ष तक चलती है इसलिए इस मूल मंत्र का 19,000 बार जाप करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। अपने व्यावसायिक जीवन में अनुशासन प्राप्त करने और बाधाओं पर काबू पाने के लिए इस शनिवार के दिन 19,000 मूल मंत्र जाप और हवन में अवश्य भाग लें।

पूजा लाभ

puja benefits
व्यावसायिक जीवन में अनुशासन प्राप्ति के लिए
शनि अनुशासन, कर्म, कड़ी मेहनत, धैर्य, दीर्घायु और देरी से जुड़ा है। शनि जयंती के शुभ दिन पर 19,000 मूल मंत्र जाप एवं हवन करने से आपको व्यावसायिक जीवन में अनुशासन प्राप्ति में मदद मिलती है जिससे आप जीवन के सभी कार्यों में सफलता प्राप्त करते हैं। शनि जयंती शनि देव का आशीर्वाद पाने के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि माना जाता है कि सच्चे मन एवं श्रद्धा से इस दिन शनिदेव की पूजा से सकारात्मक ऊर्जा का उत्सर्जन होता है, जिससे संतुलित और समृद्ध जीवन का आशीष प्राप्त होता है।
puja benefits
व्यावसायिक जीवन में बाधाओं पर नियंत्रण के लिए
ज्योतिष के अनुसार जन्म कुंडली में शनि पीड़ित या अशुभ स्थित में होने पर वह करियर और पेशेवर जीवन में कई बाधाएँ ला सकता है। ऐसे में लोगों को नौकरी ढूंढने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है या फिर पदोन्नति में देरी हो सकता है। इसके अलावा कार्यों में प्रयास का श्रेय नहीं मिल पाता है। शनि जयंती पर इस पूजा को करने से इन नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति मिलती है और व्यावसायिक जीवन में बाधाओं पर नियंत्रण में मदद मिलती है, जिससे करियर में सफलता प्राप्त होती है।
puja benefits
जीवन की चुनौतियों से सुरक्षा प्राप्त करें
शनि की पूजा का महत्व वैदिक ज्योतिष और धार्मिक ग्रंथों में व्यापक रूप से वर्णित है। शनि को कर्म का कारक माना जाता है, जो व्यक्ति के जीवन में कठिनाइयों का कारण बनता है। शनि जयंती पर शनिदेव की पूजा करने से जीवन की चुनौतियों से सुरक्षा मिलती है क्योंकि यह कुंडली में मौजूद शनि के दोषों को कम करने में मदद करती है, जिससे व्यक्ति को क्षमता और स्थिरता का एहसास होता है।

पूजा प्रक्रिया

Number-0

पूजा चयन करें

4 विभिन्न पूजा पैकेज ऑप्शन से चयन करें।
Number-1

अर्पण जोड़ें

अपनी पूजा के साथ गौ सेवा, वस्त्र दान, दीप दान भी करें। पूजा के लिए भुगतान करें।
Number-2

संकल्प विवरण दर्ज करें

अपना नाम और गोत्र दर्ज करें।
Number-3

पूजा दिन

अनुभवी पंडितों द्वारा वैदिक प्रक्रिया के अनुसार पूजा होगी। आपको अपने WhatsApp नंबर पर अपडेट्स मिलेंगे।
Number-4

पूजा वीडियो एबं तीर्थ प्रसाद डिलीवरी

अपने पंजीकृत WhatsApp नंबर पर पूजा के 4-5 दिनों में पूजा वीडियो एबं आपके दिए गए पते पर 8-10 दिनों बाद तीर्थ प्रसाद प्राप्त करें ।

श्री शनिदेव मंदिर,कोसीकलां, मथुरा

 श्री शनिदेव मंदिर,कोसीकलां, मथुरा
शनिदेव का यह मंदिर उत्तर प्रदेश के मथुरा के पास स्थित कोसीकलां में है। पौराणिक कथाओं के अनुसार जब श्रीकृष्ण का जन्म बृजमंद में हुआ तो सभी देवी-देवता उन्हें देखने आये। इन सबमें शनिदेव भी मौजूद थें, लेकिन माता यशोदा ने उन्हें श्रीकृष्ण के दर्शन नहीं करने दिये। उसे डर था कि कहीं शनिदेव की वक्र दृष्टि श्रीकृष्ण पर न पड़ जाये। इससे शनिदेव बहुत निराश हुए और नंदगांव के पास एक जंगल में जाकर तपस्या करने लगे। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने शनिदेव को दर्शन दिये। श्रीकृष्ण ने शनिदेव से कहा कि आप सदैव इसी स्थान पर निवास करें। श्री कृष्ण ने शनिदेव को कोयल के रूप में दर्शन दिए थे, इसलिए इस वन को कोकिलावन के नाम से जाना जाता है।

मान्यता है कि जो भी व्यक्ति इस मंदिर में शनि देव की पूजा करता है उसे श्री कृष्ण की भी कृपा मिलती है। इतना ही नहीं कहते हैं कि जो भी यहां सच्चे मन से शनिदेव को प्रसन्न करता है उसे शनिदेव कभी दुख नहीं देते हैं, सारे कष्ट दूर कर देते हैं। साथ ही देश के कोने कोने से लोग यहां शनि दोष का नकारात्मक प्रभाव, संतान की शिक्षा, विवाह में आ रही बाधाओं जैसी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए शनि देव के चरणों में शनि दोष निवारण पूजा करते हैं।

कैसा रहा श्री मंदिर पूजा सेवा का अनुभव?

क्या कहते हैं श्रद्धालु?
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जय राज यादव

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रमेश चंद्र भट्ट

नागपुर
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पुरी
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शिवराज डोभी

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सुनील कुमार सैनी

चंडीगढ़

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों