अच्छे स्वास्थ्य एवं असाध्य रोगों से राहत के लिए महाकाल नगरी विशेष 108 हनुमत स्तवन मंत्र जाप, बाहुक स्तोत्र पाठ और सुंदरकांड पाठ
अच्छे स्वास्थ्य एवं असाध्य रोगों से राहत के लिए महाकाल नगरी विशेष 108 हनुमत स्तवन मंत्र जाप, बाहुक स्तोत्र पाठ और सुंदरकांड पाठ
अच्छे स्वास्थ्य एवं असाध्य रोगों से राहत के लिए महाकाल नगरी विशेष 108 हनुमत स्तवन मंत्र जाप, बाहुक स्तोत्र पाठ और सुंदरकांड पाठ
अच्छे स्वास्थ्य एवं असाध्य रोगों से राहत के लिए महाकाल नगरी विशेष 108 हनुमत स्तवन मंत्र जाप, बाहुक स्तोत्र पाठ और सुंदरकांड पाठ
अच्छे स्वास्थ्य एवं असाध्य रोगों से राहत के लिए महाकाल नगरी विशेष 108 हनुमत स्तवन मंत्र जाप, बाहुक स्तोत्र पाठ और सुंदरकांड पाठ
अच्छे स्वास्थ्य एवं असाध्य रोगों से राहत के लिए महाकाल नगरी विशेष 108 हनुमत स्तवन मंत्र जाप, बाहुक स्तोत्र पाठ और सुंदरकांड पाठ
महाकाल नगरी विशेष

108 हनुमत स्तवन मंत्र जाप, बाहुक स्तोत्र पाठ और सुंदरकांड पाठ

अच्छे स्वास्थ्य एवं असाध्य रोगों से राहत के लिए
temple venue
प्राचीन श्री अंजनी पुत्र नीलगंगा हनुमान मंदिर, उज्जैन, मध्य प्रदेश
pooja date
Warning Infoइस पूजा की बुकिंग बंद हो गई है
srimandir devotees
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अब तक2,00,000+भक्तोंश्री मंदिर द्वारा आयोजित पूजाओ में भाग ले चुके हैं

अच्छे स्वास्थ्य एवं असाध्य रोगों से राहत के लिए महाकाल नगरी विशेष 108 हनुमत स्तवन मंत्र जाप, बाहुक स्तोत्र पाठ और सुंदरकांड पाठ

कलयुग में हनुमान जी को चिरंजीवी माना गया है, मंगलवार का दिन इन्हें समर्पित है। इस दिन हनुमान जी की विशेष पूजा से जातक के सभी कष्ट एवं रोग दूर हो जाते हैं। हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए कई विधि एवं पाठ का उल्लेख किया गया है जिसमें से एक हनुमान स्तवन पाठ भी है। स्तवन का अर्थ होता है “प्रसन्न”, जो कि हनुमान जी का आह्वान एवं प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। मान्यता है कि हनुमत स्तवन का पाठ करने से बजरंगबली का आशीर्वाद आपके ऊपर सदैव बना रहता है और जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।

वहीं हनुमान बाहुक स्तोत्र पाठ को लेकर एक कथा प्रचलित है जिसमें बताया गया है कि गोस्वामी तुलसीदास द्वारा लिखित एक शक्तिशाली पाठ है, जिसकी रचना उन्होंने तब कि थी जब वह हाथ में असहनीय दर्द से पीड़ित थे। उन्होंने हनुमान बाहुक लिखना शुरू किया और भयानक दर्द दूर हो गया। माना जाता है कि हनुमान बाहुक का निरंतर जाप करने से जातक के सभी मानसिक व शारीरिक रोग ठीक हो जाते हैं। वहीं हनुमान जी को समर्पित श्री सुंदरकांड का पाठ भी बहुत शक्तिशाली माना जाता है। इसलिए मंगलवार के शुभ दिन पर उज्जैन के प्राचीन श्री अंजनी पुत्र नीलगंगा हनुमान मंदिर में 108 हनुमत स्तवन मंत्र जाप, बाहुक स्तोत्र पाठ और सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जा रहा है। श्री मंदिर के माध्यम से इस पूजा में शामिल होने वाले भक्तों को बेहतर स्वास्थ्य एवं असाध्य रोगों से राहत का आशीष मिलता है।

पूजा लाभ

puja benefits
अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति
शास्त्रों के अनुसार भगवान हनुमान कलयुग के देवता हैं। इन्हें प्रसन्न करना बहुत आसान है। जो भक्त हनुमान स्तवन का पाठ करते हैं, उन्हें अच्छे स्वास्थ्य के साथ सभी मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीष मिलता है। मान्यता है कि सुंदरकांड पाठ के जाप से बड़ी से बड़ी बीमारियों से भी आसानी से राहत मिल जाती है। वहीं हनुमान बाहुक एक ऐसा पाठ है जो बहुत शक्तिशाली है शरीर में कोई भी रोग तथा पीड़ा को दूर करता है। इसलिए मंगलवार को इस पूजा को करने से भक्तों को अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिलता है।
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असाध्य रोगों से राहत के लिए
भगवान हनुमान को संकट मोचन के रूप में पूजा जाता है, इसलिए माना जाता है कि वो अपने भक्तों की सभी प्रकार के संकट को हर लेते हैं। शास्त्रों में बताया गया है कि हनुमान बाहुक में असाधारण उपचार गुण होते हैं, जो पुरानी बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करते हैं। वहीं हनुमान स्तवन मंत्र एवं सुंदरकांड पाठ करने से गंभीर से गंभीर रोगों से मुक्ति आसानी के साथ मिलता है। नियमित रूप से हनुमान जी का आवाह्न करने पर व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बहुत ही कम आती हैं।
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भय से मुक्ति
हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए मंगलवार का दिन बेहद खास माना गया है, इस शुभ दिन पर हनुमत स्तवन मंत्र जाप एवं बाहुक स्तोत्र पाठ करने से भक्तों के जीवन से सभी प्रकार के भय दूर हो जाते हैं। फिर चाहें, भूत-प्रेत का भय हो या फिर साहस की कमी हो या बौद्धिक क्षमता का अभाव या शत्रुओं से भय। इस पाठ के साथ सुंदरकांड करने से जातक को साहसी एवं निर्भय बनता है। जिसके कारण मन में अकारण ही उत्पन्न होने वाले किसी भी प्रकार के अनजाने भय से मुक्ति मिलती है।

पूजा प्रक्रिया

Number-0

पूजा चयन करें

4 विभिन्न पूजा पैकेज ऑप्शन से चयन करें।
Number-1

अर्पण जोड़ें

अपनी पूजा के साथ गौ सेवा, वस्त्र दान, दीप दान भी करें। पूजा के लिए भुगतान करें।
Number-2

संकल्प विवरण दर्ज करें

अपना नाम और गोत्र दर्ज करें।
Number-3

पूजा दिन

अनुभवी पंडितों द्वारा वैदिक प्रक्रिया के अनुसार पूजा होगी। आपको अपने WhatsApp नंबर पर अपडेट्स मिलेंगे।
Number-4

पूजा वीडियो एबं तीर्थ प्रसाद डिलीवरी

अपने पंजीकृत WhatsApp नंबर पर पूजा के 4-5 दिनों में पूजा वीडियो एबं आपके दिए गए पते पर 8-10 दिनों बाद तीर्थ प्रसाद प्राप्त करें ।

प्राचीन श्री अंजनी पुत्र नीलगंगा हनुमान मंदिर, उज्जैन, मध्य प्रदेश

प्राचीन श्री अंजनी पुत्र नीलगंगा हनुमान मंदिर, उज्जैन, मध्य प्रदेश
माता अंजना वायु देव को प्रसन्न करने में सफल रहीं। वायु देव ने उन्हें दर्शन देकर आशीष दिया कि उनका ही रूप उनके पुत्र के रूप में अवतरित होगा। इस तरह मां अंजना ने हनुमान जी के रूप में पुत्र को जन्म दिया। इसी कारण हनुमान को पवनपुत्र, केसरीनंदन आदि नामों से जाना जाता है। उज्जैन में स्थित प्राचीन श्री अंजनी पुत्र नीलगंगा हनुमान मंदिर बेहद प्रतापी है। जिसे नीलगंगा के हनुमान के नाम से जाना जाता है, यह स्थान उज्जैन रेलवे स्टेशन के दक्षिण में है। यहाँ एक तलैया है।

स्कन्द पुराण के अनुसार माता अंजनी के साथ श्री हनुमान जी ने यहाँ तप किया था। भागीरथी जब भक्तों के पातकोंक प्रक्षालन करते-करते नीलवर्ण हो गयीं तक ब्रह्मदेव की आज्ञा से वे शिप्रा में आकर गुप्तरुप से मिलीं और इस स्थान पर प्रकट हुईं, तभी से इन्हें ‘नीलगंगा' कहा जाने लगा। यहाँ के मुख्य तीर्थाधिपति श्री हनुमान जी ही हैं। मान्यता है कि जो भी भक्त इस मंदिर में पूजा अर्चना करता है उन भक्तों के जीवन में सुख-समृद्धि का वरदान प्राप्त होता है।

कैसा रहा श्री मंदिर पूजा सेवा का अनुभव?

क्या कहते हैं श्रद्धालु?
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जय राज यादव

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रमेश चंद्र भट्ट

नागपुर
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अपर्णा मॉल

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शिवराज डोभी

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