🪔 एकादशी के पावन दिन 1,00,008 विष्णु अष्टाक्षर मंत्र जाप का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। ‘ॐ नमो नारायणाय’ मंत्र का यह महाजप भगवान विष्णु की कृपा शीघ्र प्राप्त कराने वाला माना गया है। विधिपूर्वक संकल्प लेकर किया गया जाप पापों का नाश करता है और जीवन में धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष का मार्ग मजबूत कर सकता है। एकादशी के दिव्य काल में किया गया अष्टाक्षर मंत्र जाप मन को शुद्ध करता है, ग्रह बाधाओं को शांत करता है और परिवार में सुख-समृद्धि के दरवाजे खोल सकता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन किया गया जाप अनंत गुना पुण्य फल प्रदान करता है और भक्त को विष्णु भक्ति में दृढ़ बनाता है। विद्वान मानते हैं कि इस अनुष्ठान से स्वास्थ्य, आंतरिक शांति और उन्नति की सही दिशा मिलती है।
🪔 इस संयुक्त अनुष्ठान में श्री दीर्घ विष्णु मंदिर की ऊर्जा के साथ 11 किलो चंदन–तुलसी से महाभिषेक होगा, जो अत्यंत दुर्लभ और पुण्यदायी माध्यम है। शुद्ध चंदन भगवान विष्णु को शीतलता, सौम्यता और दिव्य ऊर्जा अर्पित करता है, जबकि तुलसी उन्हें अत्यंत प्रिय है और भक्ति की पूर्णता का प्रतीक मानी जाती है। इस महाभिषेक के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान का स्नान कराया जाता है, जिससे वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो जाता है। मान्यता है कि चंदन–तुलसी महाभिषेक से रोग, कष्ट और मानसिक अशांति का निवारण होता है तथा जीवन में स्थिरता और समृद्धि आती है। ऐसा कहते हैं कि यह अनुष्ठान विशेष रूप से एकादशी पर किए जाने से अनेक गुना फल प्रदान करता है। श्रद्धा और संकल्प के साथ संपन्न यह महाभिषेक भक्त को भगवान विष्णु की विशेष कृपा और वैकुंठ लोक की राह आसान कर सकता है।
🪔 मथुरा स्थित श्री दीर्घ विष्णु मंदिर सनातन परंपरा में अत्यंत प्राचीन और पावन स्थल माना जाता है। यह मंदिर भगवान विष्णु के दीर्घ अर्थात शयन मुद्रा में विराजमान स्वरूप के लिए प्रसिद्ध है, जो संरक्षण, शांति और सृष्टि संतुलन का प्रतीक है। मान्यता है कि यहां दर्शन मात्र से भक्त को मानसिक शांति, रोगों से मुक्ति और जीवन में स्थिरता प्राप्त होती है। ब्रजभूमि में स्थित होने के कारण इस मंदिर का विशेष वैष्णव महत्व है। एकादशी सहित अन्य विष्णु प्रिय तिथियों पर यहां की गई पूजा-अर्चना विशेष फलदायी मानी जाती है और भक्त को भगवान विष्णु की अनुपम कृपा प्राप्त होती है।
🪷 श्री मंदिर द्वारा 11 ब्राह्मण 1,00,008 विष्णु अष्टाक्षर मंत्र जाप एवं 11 किलो चंदन-तुलसी महाभिषेक में भाग लें और स्वास्थ्य के साथ मन को शांत रखने और शांति का दिव्य आशीर्वाद पाएं।