महाशिवरात्रि की महान रात्रि वर्ष की सबसे पवित्र और शक्तिशाली रात मानी जाती है। इस दिव्य रात में भगवान शिव की अलौकिक कृपा और ऊर्जा पृथ्वी पर विशेष रूप से प्रवाहित होती है। यह भगवान शिव और माता पार्वती के पावन मिलन की रात्रि है, जब मनुष्य और ईश्वर के बीच की दूरी मिट जाती है और सच्चे मन से की गई हर प्रार्थना सीधे प्रभु तक पहुँचती है। इस शुभ अवसर पर भक्त अपने परिवार के अच्छे स्वास्थ्य, घर में सुख-समृद्धि और जीवन में आ रही अदृश्य बाधाओं के नाश की कामना करते हैं। महाशिवरात्रि की इस सर्वोत्तम तिथि पर पवित्र ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में किया गया महा रुद्राभिषेक भगवान शिव को पूर्ण समर्पण का सबसे श्रेष्ठ मार्ग माना जाता है। यह प्राचीन शास्त्रों में वर्णित शक्तिशाली अनुष्ठान है, जो नकारात्मकता को दूर कर जीवन में संतुलन, शांति और सकारात्मक ऊर्जा भर देता है।
शास्त्रों के अनुसार, भगवान शिव ने अपनी अनंत शक्ति का परिचय देने के लिए अग्नि स्तंभ यानी ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट होकर संसार को दर्शन दिए थे। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग इसलिए विशेष है क्योंकि यह द्वीप स्वयं पवित्र ‘ॐ’ के आकार में स्थित है। हमारे धर्मग्रंथ बताते हैं कि महाशिवरात्रि की तिथि पर रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव अपने करुणामय स्वरूप में शीघ्र प्रसन्न होते हैं। समुद्र मंथन के समय जब देवताओं और असुरों द्वारा निकले विष को भगवान शिव ने संसार की रक्षा के लिए पान किया था, तब अभिषेक के शीतल द्रव्यों से ही उनकी उष्णता शांत हुई थी। 21 पवित्र द्रव्यों से किया गया अभिषेक उसी दिव्य लीला की पुनरावृत्ति है, जिससे हम भी भगवान शिव की रक्षा और कृपा प्राप्त करते हैं।
इस विशेष पूजा में 1,00,008 शिव पंचाक्षरी मंत्रों का जाप किया जाता है, जिससे घर और मन दोनों शुद्ध होते हैं। दूध, शहद, घी, गन्ने का रस सहित 21 पवित्र द्रव्य श्रद्धा के साथ ज्योतिर्लिंग पर अर्पित किए जाते हैं। प्रत्येक द्रव्य का अपना महत्व है—कुछ रिश्तों में मधुरता लाते हैं, तो कुछ स्वास्थ्य और धन-समृद्धि प्रदान करते हैं। पवित्र नर्मदा नदी के तट पर वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ सम्पन्न यह अनुष्ठान आपके परिवार तक भगवान श्री ओंकारेश्वर की कृपा पहुँचाता है। यह पूजा केवल प्रार्थना नहीं, बल्कि ऐसा द्वार है जो जीवन में महादेव की निरंतर उपस्थिति और सुरक्षा का अनुभव कराता है।
✨ श्री मंदिर के माध्यम से की गई यह विशेष पूजा आपके जीवन में स्वास्थ्य, धन और समृद्धि का दिव्य आशीर्वाद लेकर आती है।