🔱 पहली बार इस सावन शिवरात्रि ओंकारेश्वर के पवित्र नर्मदा घाट पर होने जा रहा है 11 ब्राह्मणों द्वारा 1.25 लाख पार्थेश्वर महा रुद्राभिषेक🕉️
🙏महादेव की साधना से जुड़ने का यह दुर्लभ अवसर न गंवाएं श्री मंदिर के माध्यम से इस दिव्य अनुष्ठान के भागी बन जाएं। 🕉️
जब जीवन में अचानक रोग घेर लें, असमय मृत्यु का डर मन को बेचैन कर दे और डॉक्टर, दवाओं व इलाज के बाद भी कोई समाधान न मिले तब देवों के देव महादेव ही एकमात्र सहारा बनते हैं। भगवान शिव, जिन्हें मृत्यु को भी पराजित करने वाले महामृत्युंजय के रूप में जाना जाता है, उन सभी के आराध्य हैं जो जीवन में बीमारी, भय और अनिश्चितता से जूझ रहे हैं। शिव केवल भावना से प्रसन्न होने वाले देव नहीं हैं, बल्कि वे उन भक्तों के दुख हरते हैं जो श्रद्धा और सही विधि से उनकी पूजा करते हैं। विशेषकर सावन के महीने में, जो भगवान शिव को बहुत प्रिय है। इस माह की शिवरात्रि को विशेष रूप से फलदायी माना गया है। ऐसा विश्वास है कि अगर कोई भक्त इस दिन भगवान शिव का सच्चे मन से आह्वान करता है, तो उसे न केवल रोगों से राहत मिलती है, बल्कि दीर्घायु और आत्मिक शांति भी प्राप्त हो सकती है।
हालांकि यह भी समझना ज़रूरी है कि केवल शुभ तिथि ही काफी नहीं होती। भगवान शिव की कृपा पाने के लिए शास्त्रों में बताए गए तरीके, वैदिक मंत्रों और सही प्रक्रिया का पालन करना भी आवश्यक होता है। ग्रंथों के अनुसार, भगवान शिव की कृपा को आमंत्रित करने के लिए रुद्राभिषेक को सबसे असरदार और फलदायी उपाय माना गया है। इसीलिए सावन माह की शिवरात्रि के शुभ अवसर पर श्री मंदिर लेकर आया है शिवभक्तों के लिए एक विशेष महानुष्ठान, जिसमें होगा 1.25 लाख पार्थेश्वर रुद्राभिषेक, यह महा रुद्राभिषेक 11 विद्वान ब्राह्मणों द्वारा ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के समीप नर्मदा तट पर सम्पन्न किया जाएगा। इस अनुष्ठान में खास नियमों से तैयार किए गए 1.25 लाख पार्थिव शिवलिंगों पर दूध, जल, पंचामृत और वैदिक मंत्रों के साथ रुद्राभिषेक किया जाएगा।
यह अनुष्ठान उन भक्तों के लिए एक निर्णायक मोड़ बन सकता है जो लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे हैं, जिनके मन में बार-बार मृत्यु का डर आता है, या जिनका तनाव अब सहन से बाहर हो गया है और उन्हें अब शिव के आशीर्वाद की प्रतीक्षा है। यदि आप या आपके परिवार में कोई व्यक्ति लंबे समय से रोग, भय या मानसिक तनाव से पीड़ित है, तो इस सावन शिवरात्रि पर यह महारुद्राभिषेक आपके लिए एक शांति देने वाला और आध्यात्मिक उपाय बन सकता है।
श्री मंदिर के माध्यम से इस महानुष्ठान में सहभागी बनें और ओंकारेश्वर की पवित्र ऊर्जा के माध्यम से भगवान शिव की कृपा का अनुभव करें।🙏