🌺 कुछ आध्यात्मिक क्षण ऐसे होते हैं, जब सही समय, सही स्थान और सही उद्देश्य एक साथ मिलकर उन्हें अत्यंत शक्तिशाली बना देते हैं। माघ मेला 2026 ऐसा ही एक विशेष अवसर है। 3 जनवरी 2026 से प्रारंभ होने वाला माघ मेला, प्रयागराज में आयोजित होता है, जिसे महाकुंभ के बाद भारत का सबसे पवित्र आध्यात्मिक आयोजन माना जाता है और जिसका गहरा संबंध पितृ कर्मों से जुड़ा हुआ है। इस अवधि में छह अत्यंत महत्वपूर्ण शाही स्नान तिथियां होती हैं: पौष पूर्णिमा, मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी, माघी पूर्णिमा और महा शिवरात्रि। इन सभी छह विशेष दिनों पर श्री मंदिर द्वारा त्रिवेणी संगम पितृ शांति पूजा के साथ त्रिवेणी संगम आरती का आयोजन किया गया है।
🔱 इस पूजा को वास्तव में विशेष बनाने वाले तीन शक्तिशाली कारण हैं -
समय - माघ मेले के शाही स्नान का समय, जिसे पितृ शांति के लिए सबसे प्रभावशाली काल माना जाता है और जिसे महाकुंभ के समान फलदायी माना जाता है।
स्थान - त्रिवेणी संगम, जहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का पवित्र संगम होता है।
विधि - आपके नाम और गोत्र के साथ संकल्प लेकर विधिवत वैदिक पद्धति से की जाने वाली पितृ शांति पूजा
🌺 ऐसा माना जाता है कि जब शाही स्नान के दिन माघ मेले के दौरान त्रिवेणी संगम पर पितृ शांति पूजा की जाती है, तो पितरों को शांति प्राप्त होती है, अधूरा पितृ दोष धीरे धीरे शांत होने लगता है और उनके आशीर्वाद स्वाभाविक रूप से परिवार पर प्रवाहित होने लगते हैं। यह कोई प्रतीकात्मक या दूर से की जाने वाली पूजा नहीं है। इन सभी छह शाही स्नान तिथियों पर भाग श्री मंदिर के माध्यम से भाग लेकर आप भी अपने पितरों के लिए एक संपूर्ण और सार्थक अर्पण करते हैं, जो दिवंगत आत्माओं की शांति और परिवार के कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
🔱 छह पवित्र शाही स्नान की दिव्य तिथियां:
दिन 1 - 03 जनवरी गुरुवार पौष पूर्णिमा- पौष पूर्णिमा का पवित्र स्नान कर्मों की शुद्धि के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।
दिन 2 - 14 जनवरी बुधवार मकर संक्रांति: आध्यात्मिक पुनर्जागरण और नए आरंभ के मार्ग को शुद्ध करने की तिथि
दिन 3 - 18 जनवरी रविवार मौनी अमावस्या: मौन और आंतरिक शुद्धि का अत्यंत शक्तिशाली दिन
दिन 4 - 23 जनवरी शुक्रवार बसंत पंचमी: समृद्धि और ज्ञान का आह्वान करने का पावन समय।
दिन 5 - 01 फरवरी रविवार माघी पूर्णिमा: शांति और कल्याण के लिए दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करने का दिन।
दिन 6 - 15 फरवरी रविवार महा शिवरात्रि: ब्रह्मांडीय ऊर्जा से जुड़कर कर्म बाधाओं के शमन का अवसर।
माघ मेले के दौरान इन छह शाही स्नानों पर लिए गए संकल्प के माध्यम से आप अपने जीवन को शुद्ध कर सकते हैं तथा शांति, सफलता और संरक्षण का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। यह एक अत्यंत दुर्लभ आध्यात्मिक अवसर है, जिसे हाथ से जाने न दें। श्री मंदिर के माध्यम से इस परिवर्तनकारी आध्यात्मिक आयोजन में सहभागिता करें 🔥