🌕सनातन परंपरा में चंद्र ग्रह को मन, भावना और मानसिक स्थिति का कारक माना जाता है। व्यक्ति का मन कितना शांत रहेगा, भावनाएं कितनी संतुलित होंगी और जीवन के निर्णय कितनी स्पष्टता से लिए जाएंगे इन सभी बातों का सीधा संबंध चंद्र की स्थिति से माना जाता है। जब कुंडली में चंद्र कमजोर या प्रभावित होता है, तब व्यक्ति को बार-बार बेचैनी, चिड़चिड़ापन, भावनात्मक अस्थिरता, डर, तनाव और मन में उलझन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे समय में चंद्र दोष निवारण पूजा एवं रुद्राभिषेक को एक प्रभावी आध्यात्मिक उपाय माना जाता है। यह पूजा मन को शांत करने, भावनाओं को संतुलित करने और भीतर की नकारात्मकता को कम करने की भावना से की जाती है। इस तिथि पर किया गया रुद्राभिषेक चंद्र ग्रह के अशांत प्रभाव को शांत करने और मानसिक स्थिरता प्रदान करने से जुड़ा माना जाता है।
यह पूजा व्यक्ति के जीवन में इस प्रकार सहायक मानी जाती है:
• मन की बेचैनी और तनाव को शांत करने में मदद करती है।
• भावनात्मक असंतुलन और चिड़चिड़ेपन को कम करने की भावना से जुड़ी मानी जाती है।
• सोच में स्पष्टता लाकर सही फैसले लेने की शक्ति बढ़ाती है।
• आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा को मजबूत करने में मदद करती है।
🌕चंद्र ग्रह का सीधा संबंध भगवान शिव से भी जोड़ा जाता है, क्योंकि शिव जी के मस्तक पर चंद्रमा विराजमान हैं। इसी कारण चंद्र दोष की शांति के लिए शिव पूजन और रुद्राभिषेक को विशेष महत्व दिया गया है। जब शिवलिंग पर जल, दूध, दही, घी, शहद और पवित्र जल से अभिषेक किया जाता है, तो यह मन की गर्मी, तनाव और भावनात्मक बोझ को शांत करने का प्रतीक माना जाता है। आज की तेज़ रफ्तार जीवनशैली में लोग लगातार काम का दबाव, पारिवारिक जिम्मेदारियां और निजी चिंताओं से घिरे रहते हैं। धीरे-धीरे यह दबाव मानसिक थकान, तनाव और भावनात्मक असंतुलन का रूप ले लेता है। ऐसे समय में यह पूजा व्यक्ति को भीतर से मजबूत बनाने, सोच को स्थिर करने और मन को हल्का महसूस कराने में सहायक मानी जाती है।
🌕चंद्र दोष निवारण पूजा एवं रुद्राभिषेक का उद्देश्य केवल ग्रह शांति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को मानसिक शांति, आत्मविश्वास और भावनात्मक स्थिरता की ओर ले जाने का माध्यम भी माना जाता है। पूजा के दौरान मंत्र जाप, संकल्प और अभिषेक के माध्यम से साधक अपने जीवन में शांति, संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा की कामना करता है।
श्री मंदिर के माध्यम से इस विशेष पूजा में भाग लेकर भक्त घर बैठे इस पावन अनुष्ठान से जुड़ सकते हैं और भगवान शिव व चंद्र देव की कृपा से मन की शांति, भावनात्मक संतुलन और तनाव से राहत की भावना प्राप्त कर सकते हैं। यह पूजा उन लोगों के लिए विशेष मानी जाती है जो लंबे समय से मानसिक दबाव, भावनात्मक अस्थिरता या अनिद्रा जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं और जीवन में फिर से संतुलन और शांति चाहते हैं।