🕉️ महाशिवरात्रि – वह दिव्य रात्रि जब प्रार्थनाएँ शिव जी तक पहुँचने की मान्यता है
हिंदू शास्त्रों के अनुसार महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं है, बल्कि वह दिव्य और ब्रह्मांडीय क्षण है जब भगवान शिव जन्म, मृत्यु और परिवर्तन से परे शाश्वत शक्ति के रूप में प्रकट हुए। महाकाल स्वरूप में भगवान शिव को परम काल का अधिपति माना जाता है। ऐसा विश्वास है कि सृष्टि की रचना, पालन और संहार का चक्र उन्हीं के अधीन है। यह धारणा है कि इस पावन रात्रि में की गई पूजा और उपासना सीधे भगवान शिव तक पहुँचती है। इसी कारण महाशिवरात्रि को दिव्य संरक्षण, आंतरिक शक्ति और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने का सबसे प्रभावशाली और पुण्यकारी समय माना जाता है।
🕉️ महाकालेश्वर – वह ज्योतिर्लिंग जहाँ शिव जी को महाकाल रूप में पूजा जाता है
इस पावन रात्रि के केंद्र में भगवान श्री महाकालेश्वर विराजमान हैं। वे एकमात्र ज्योतिर्लिंग हैं जहाँ शिव जी की पूजा दक्षिणामूर्ति स्वरूप में होती है और जहाँ उन्हें महाकाल, अर्थात समय के अधिपति के रूप में पूजा जाता है। उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का उल्लेख पुराणों में अकाल मृत्यु, अचानक आने वाले संकटों और अदृश्य बाधाओं से रक्षा करने वाले देव के रूप में किया गया है। ऐसी धारणा है कि जो भक्त महाकाल के चरणों में समर्पण भाव से उपासना करता है, उसे समय की प्रतिकूल परिस्थितियों में भी संबल प्राप्त होता है।
🕉️ महाकालेश्वर उज्जैन में रुद्राभिषेक में सम्मिलित होने का दुर्लभ अवसर
रुद्राभिषेक को भगवान श्री शिव की अत्यंत पवित्र उपासना विधि माना गया है। वेदों के अनुसार जल जीवन, शुद्धता और समय के प्रवाह का प्रतीक है। भगवान श्री महाकाल पर जल रुद्राभिषेक किए जाने की परंपरा है, जिसे उग्र ऊर्जाओं के शमन, नकारात्मक ग्रह प्रभावों की शांति और शिव जी के रक्षक स्वरूप की उपासना से जोड़ा जाता है। जल, दूध और मंत्रों के साथ किया जाने वाला प्रत्येक अर्पण भक्त की श्रद्धा और कामना का प्रतीक माना जाता है।
महाशिवरात्रि विशेष इस रुद्राभिषेक में, महाकालेश्वर उज्जैन मंदिर में विद्वान पंडितों द्वारा संपूर्ण वैदिक विधि से शक्तिशाली रुद्र मंत्रों के साथ पूजा संपन्न की जाती है। यह अवसर अत्यंत दुर्लभ माना जाता है, क्योंकि महाकाल में रुद्राभिषेक करने का सौभाग्य केवल कुछ ही भक्तों को प्राप्त होता है।
श्री मंदिर के माध्यम से संपन्न की जाने वाली यह विशेष पूजा भगवान श्री महाकाल की उपासना का एक पावन माध्यम मानी जाती है, जिसे श्रद्धा और विश्वास के साथ किया जाता है, इस दुर्लभ अवसर को हाथ से जानें न दें।