✨ महाशिवरात्रि की दिव्य शक्ति का सरल अनुभव करें – भगवान शिव की पावन रात्रि
🔱 महाशिवरात्रि वह पवित्र रात्रि मानी जाती है जब भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य मिलन हुआ। फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी की इस तिथि पर आध्यात्मिक ऊर्जा विशेष रूप से जागृत मानी जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस रात जागकर शिव भक्ति करने से मन, बुद्धि और आत्मा की गहरी शुद्धि होती है। जब जीवन में रुकावटें बढ़ जाती हैं या मन चिंताओं से घिरा रहता है, तब महाशिवरात्रि की यह साधना एक दिव्य मार्गदर्शन देने वाली मानी जाती है। शास्त्रों के अनुसार, रात के चारों प्रहरों में पूजा करने से भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों की कृपा प्राप्त होती है और जीवन के हर पक्ष पर उनका आशीर्वाद बना रहता है।
🔱 पुराणों में वर्णन मिलता है कि सृष्टि के संतुलन के लिए भगवान शिव ने अलग अलग रूप धारण किए। चार प्रहर की पूजा इन्हीं स्वरूपों को समर्पित मानी जाती है। पहले प्रहर में भगवान ईशान, दूसरे में भगवान अघोर, तीसरे में भगवान वामदेव और चौथे में भगवान सद्योजात की उपासना की जाती है। यह क्रम अज्ञान से ज्ञान और अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का प्रतीक माना जाता है। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग जैसे पवित्र स्थल पर की गई यह साधना विशेष रूप से प्रभावशाली मानी जाती है, क्योंकि यहां भगवान शिव की दिव्य उपस्थिति सदा जागृत मानी जाती है।
🔱 इस विशेष महापूजा में हर प्रहर की अपनी अलग पूजा विधि होती है, जो साधक को शिव जी से गहराई से जोड़ती है।
✨ प्रथम प्रहर सायं 6 बजे से 9 बजे तक- इस समय भगवान ईशान का अभिषेक जल और गुलाब जल से किया जाता है। यह पूजा पवित्र रात्रि की शुरुआत का प्रतीक मानी जाती है।
✨ द्वितीय प्रहर रात्रि 9 बजे से 12 बजे तक- भगवान अघोर का अभिषेक दही और शहद से किया जाता है। यह मन की शांति और आंतरिक शुद्धि का प्रतीक माना जाता है।
✨ तृतीय प्रहर रात्रि 12 बजे से 3 बजे तक- इस समय भगवान वामदेव को घी, गन्ने के रस और बेलपत्र अर्पित किए जाते हैं। यह पूजा शक्ति और संतुलन का भाव जगाने वाली मानी जाती है।
✨ चतुर्थ प्रहर प्रातः 3 बजे से सूर्योदय तक- अंतिम प्रहर में भगवान सद्योजात को शहद और गंगाजल अर्पित किया जाता है तथा भस्म अर्पण के साथ पूजा पूर्ण मानी जाती है।
🔱 ऐसा माना जाता है कि इस संपूर्ण पूजन क्रम से घर में शांति, मन में स्थिरता और जीवन में समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। श्री मंदिर के माध्यम से इस विशेष महाशिवरात्रि पूजा में भाग लेकर आप भगवान शिव की कृपा को अपने जीवन और परिवार में आमंत्रित कर सकते हैं। 🕉️🙏