🌸 भगवान भैरव और मां बगलामुखी को अदृश्य शत्रुओं और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करने वाले दिव्य स्वरूप माना जाता है। भगवान भैरव, जो भगवान शिव का उग्र रूप हैं, भक्तों को भय, कष्ट और बाधाओं से मुक्त करते हैं। वहीं मां बगलामुखी अपनी स्तंभन शक्ति से शत्रुओं की वाणी और बुद्धि को रोककर भक्तों को विजय का मार्ग दिखाती हैं। इन दोनों की संयुक्त उपासना अत्यंत दुर्लभ और प्रभावशाली मानी जाती है। यह विशेष पूजा जीवन में नजर दोष, विवाद और शत्रु बाधाओं से रक्षा का दिव्य मार्ग प्रदान करती है।
🌸 इस विशेष पूजा में श्री बटुक भैरव रक्षा कवच तांत्रोक्त हवन किया जाता है, जिसे अदृश्य शत्रुओं और नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा देने वाला माना जाता है। बटुक भैरव, भगवान शिव के बाल रूप हैं और साधना में करुणामय रक्षक माने जाते हैं। इस हवन में विशेष मंत्रों के साथ आहुतियाँ दी जाती हैं, जिससे भक्त के चारों ओर दिव्य सुरक्षा कवच बनने की मान्यता है। यह पूजा नजर दोष, शत्रु भय और जीवन की अस्थिरताओं से राहत देने में सहायक मानी जाती है। भगवान बटुक भैरव की कृपा से साधक को साहस, स्थिरता और आत्मविश्वास का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
🍃 यह संयुक्त आराधना काशी स्थित श्री बटुक भैरव मंदिर में संपन्न होगी, जो अत्यंत पावन और महत्वपूर्ण स्थान है। भगवान भैरव को काशी का ‘कोतवाल’ माना जाता है और मान्यता है कि उनकी अनुमति के बिना काशी यात्रा पूर्ण नहीं होती। वे भक्तों को शत्रु भय, नकारात्मक शक्तियों और बाधाओं से रक्षा कर सुरक्षा और समृद्धि का मार्ग दिखाते हैं। इस मंदिर में भगवान भैरव बाल स्वरूप में विराजमान हैं। काशी के रक्षक के रूप में वे भक्तों को नजर दोष से बचाकर उन्नति के मार्ग पर अग्रसर करते हैं। भक्त यह अनुष्ठान—नजर दोष शांति बटुक भैरव रक्षा कवच तांत्रोक्त हवन एवं मां बगलामुखी हवन—शत्रु भय से मुक्ति और अदृश्य बाधाओं के निवारण हेतु करते हैं।
🔱 श्री मंदिर के माध्यम से इस दुर्लभ विशेष पूजा में सहभागी बनें और श्री बटुक भैरव एवं मां बगलामुखी से जीवन में नजर दोष, शत्रु बाधा से रक्षा, सुख, शांति और प्रगति का आशीर्वाद प्राप्त करें।