🕉️ साल में एक बार आने वाली महाशिवरात्रि की पावन रात्रि को सबसे गहरी और शक्तिशाली आध्यात्मिक रात्रि माना जाता है। इसी दिव्य समय में भारत की पवित्र नदियों का जल एक साथ महादेव को अर्पित किया जाता है। गोमुख से निकलने वाली गंगा, यमुना, गोदावरी, नर्मदा और गया की फल्गु नदी सहित सात पवित्र नदियों का संगम एक विशेष अभिषेक के रूप में किया जाता है। यह साधारण पूजा नहीं, बल्कि सप्त-नदी महाभिषेक है, जिसे जीवन के पुराने कर्म बंधनों को हल्का करने और पितरों की शांति के लिए किया जाता है।
महाशिवरात्रि पर श्री मंदिर द्वारा आयोजित यह विशेष पूजा ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की पावन भूमि पर संपन्न की जाती है। मान्यता है कि इस रात्रि भगवान शिव भूत, वर्तमान और भविष्य के मार्ग को जोड़ते हैं। इसी शुभ समय में सात पवित्र नदियों का जल एक साथ अर्पित कर परिवार और पीढ़ियों से जुड़ी उलझनों को हल्का करने और जीवन में नई सकारात्मक शुरुआत की कामना की जाती है।
शास्त्रों में बताया गया है कि महाशिवरात्रि वह रात्रि है जब भगवान शिव अनंत प्रकाश स्तंभ के रूप में प्रकट हुए थे। इस दिव्य ऊर्जा को शांत करने के लिए पवित्र नदियों का जल अर्पित किया जाता है। माना जाता है कि गंगा, यमुना, गोदावरी, सरस्वती, नर्मदा, फल्गु और गोमुख का जल जीवन की गहरी अशुद्धियों को दूर करने की शक्ति रखता है। जब ये सभी जल एक साथ अर्पित किए जाते हैं, तो यह जीवित और दिवंगत दोनों के लिए शांति और संतुलन की भावना से जुड़ा माना जाता है। इस महाभिषेक में प्रत्येक नदी का जल वैदिक मंत्रों के साथ अर्पित किया जाता है। फल्गु जल पितरों की तृप्ति के लिए, गंगा और गोमुख का जल आत्म शुद्धि के लिए तथा नर्मदा जल स्थिरता और सुरक्षा की भावना से जोड़ा जाता है। महाशिवरात्रि के दिन यह अनुष्ठान जीवन के रुके हुए मार्गों को खोलने और पीढ़ियों में संतुलन लौटाने का माध्यम माना जाता है।
7 नदियों का विशेष महत्व
यह महापूजा गंगोत्री, यमुनोत्री, नासिक के गोदावरी घाट, नर्मदा घाट, गया की फल्गु नदी और गोमुख जैसे पवित्र स्थलों की ऊर्जा को एक साथ जोड़ती है। हिमालय से लेकर गया की पितृ भूमि तक की पवित्र जल धारा इस पूजा में एक साथ महादेव को अर्पित की जाती है, जिससे इसका आध्यात्मिक प्रभाव और अधिक बढ़ जाता है।
🙏 श्री मंदिर के माध्यम से इस महाशिवरात्रि सप्त-नदी महाभिषेक में भाग लेकर आप पुराने कर्म भार से राहत, पितरों की शांति और अपने परिवार के लिए नई शुरुआत की कामना कर सकते हैं।