शनिवार का दिन शनिदेव को अत्यंति प्रिय है, यही कारण है कि इस शुभ दिन पर भक्त न्याय के देवता शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए पूजा और अनुष्ठान करते हैं। जिन लोगों पर शनिदेव की कृपा होती है उन्हें जीवन में बाधाओं का सामना नहीं करना पड़ता। जब किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि शुभ स्थिति में होते हैं तो व्यक्ति को हर कार्य में सफलता मिलती है। इसके विपरीत, यदि शनि अशुभ स्थिति में हो तो बने बनाए काम भी बिगड़ने लगते हैं।
शनिदेव को प्रसन्न करने के वैसे तो कई उपाय हैं लेकिन उनमें मंत्रों के जाप का विशेष महत्व है। ऐसा माना जाता है कि शनिवार के दिन हवन करने के साथ शनि देव के मूल मंत्र का जाप करने से जीवन के सभी प्रकार के कष्ट दूर हो जाते हैं। यह व्यावसायिक जीवन में अनुशासन प्राप्त करने और बाधाओं से उबरने में भी मदद करता है। शनि की महादशा 19 वर्ष तक चलती है इसलिए इस मूल मंत्र का 19,000 बार जाप करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। अपने व्यावसायिक जीवन में अनुशासन प्राप्त करने और बाधाओं पर काबू पाने के लिए इस शनिवार के दिन 19,000 मूल मंत्र जाप और हवन में अवश्य भाग लें।