🌺 क्या आप लगातार मेहनत कर रहे हैं, लेकिन उसका पूरा फल नहीं मिल पा रहा? कई लोगों को ऐसा महसूस होता है कि आमदनी आती तो है, लेकिन टिकती नहीं, काम में स्थिरता नहीं बन पाती या मन को संतोष नहीं मिलता। शास्त्रों में बताया गया है कि जब जीवन में श्री शक्ति यानी समृद्धि और संतुलन देने वाली दिव्य ऊर्जा पूरी तरह सक्रिय नहीं होती, तब ऐसे असंतुलन पैदा होते हैं।
सनातन परंपरा में माँ ललिता त्रिपुरा सुंदरी को श्री शक्ति का सर्वोच्च स्वरूप माना गया है। उन्हें समृद्धि, सौंदर्य, संतुलन और आकर्षण की देवी कहा जाता है। माँ ललिता की उपासना केवल धन प्राप्ति तक सीमित नहीं मानी जाती, बल्कि यह जीवन में प्रयास और फल के बीच संतुलन बनाने वाली शक्ति को जाग्रत करने का माध्यम है। जब उनकी कृपा प्राप्त होती है, तो जीवन में ठहराव धीरे-धीरे कम होने लगता है और स्थायी प्रगति की दिशा बनती है।
🌺 त्रिपुरा सुंदरी शक्तिपीठ को सभी शक्तिपीठों में विशेष स्थान प्राप्त है। मान्यता है कि यहां माँ ललिता की श्री विद्या ऊर्जा अत्यंत प्रभावी रूप में विद्यमान है। इस स्थान पर की गई पूजा को समृद्धि, स्थिरता और लंबे समय तक लाभ देने वाली ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है। यहां की भूमि स्वयं माँ की सृजन और पालन शक्ति से जुड़ी मानी जाती है।
🌺 इस विशेष पूजा का मुख्य अनुष्ठान श्री यंत्र हवन है। श्री यंत्र को सृष्टि की दिव्य रचना का प्रतीक माना जाता है, जिसमें स्त्री और पुरुष ऊर्जा का संतुलन दर्शाया गया है। श्री यंत्र के साथ किया गया हवन जीवन के भौतिक, मानसिक और भावनात्मक पक्षों में संतुलन बनाने का माध्यम माना जाता है। अग्नि में दी गई प्रत्येक आहुति धन प्रवाह, लक्ष्य की स्पष्टता और जीवन में सामंजस्य की भावना को मजबूत करने का प्रतीक मानी जाती है।
🌺 पूजा का समापन महा त्रिपुरा सुंदरी शक्तिपीठ आरती से होता है। यह आरती हवन से जाग्रत हुई ऊर्जा को स्थिर करने और भक्त के जीवन में समृद्धि, शांति और संतुलन स्थापित करने का माध्यम मानी जाती है।
🌺 माघ पूर्णिमा जैसे पवित्र दिन पर किया गया यह अनुष्ठान विशेष फलदायी माना जाता है। इस दिन आध्यात्मिक ऊर्जा अधिक सक्रिय रहती है। श्री मंदिर के माध्यम से आप इस दुर्लभ श्री यंत्र हवन और शक्तिपीठ आरती में भाग लेकर माँ त्रिपुरा सुंदरी से समृद्धि, संतुलन और जीवन में स्थायी सुख की कामना कर सकते हैं।