🔱 मंगल दोष से उत्पन्न भय, असुरक्षा और रोगों का होगा अंत! 🔥
मंगल ग्रह की नकारात्मक ऊर्जा जीवन में भय, असुरक्षा और आत्मविश्वास की कमी पैदा कर सकती है। यह न केवल मानसिक तनाव देता है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं जैसे- रक्तचाप, मधुमेह और अचानक दुर्घटनाओं जैसी समस्याएँ भी ला सकता है। इसके कारण मन में हर समय असुरक्षा और डर बना रहता है। मंगल की इस नकारात्मक ऊर्जा को और भी अधिक बढ़ाने वाले तामसिक और दैत्य शक्तियाँ होती हैं, जैसे महिरावण और अहिरावण, जिन्होंने भगवान राम और लक्ष्मण को पाताल लोक में बंदी बना लिया था। तब हनुमान जी ने पंचमुखी रूप धारण कर इन मायावी राक्षसों का अंत किया था।
माँ काली और हनुमान जी की संयुक्त शक्ति से होगा मंगल दोष का अंत 🔥
मंगल ग्रह के कारण जीवन में आने वाले संकट से बचने के लिए भगवान हनुमान और माँ काली का आशीर्वाद सबसे प्रभावी उपाय है। हनुमान जी, जिन्होनें युद्ध के दौरान मूर्छित हुए लक्ष्मण जी की रक्षा के लिए संजीवनी बूटी लाने का संकल्प लिया और उनकी रक्षा की। उनकी कृपा से सभी प्रकार के स्वास्थ्य संबंधी कष्ट दूर हो सकते हैं। वहीं, माँ काली, जो भगवान शिव के हलाहल विष को शांति देने वाली हैं, उनकी कृपा से जीवन की सभी नकारात्मक ऊर्जाओं और भय का नाश होता है। यही कारण है कि माँ काली और हनुमान जी की पूजा मंगल दोष से बचाने में बहुत प्रभावी मानी जाती है।
अगर आप भय, असुरक्षा, आत्मविश्वास की कमी और मंगल दोष के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से मुक्ति पाना चाहते हैं, तो मंगलवार के दिन विशेष रूप से आयोजित माँ काली और हनुमान जी की संयुक्त पूजा कोलकत्ता के कालीघाट मंदिर में कराई जाएगी। 51 शक्तिपीठों में से यह वह पवित्र स्थान है, जहाँ माता सती के दाहिने पैर का अंगूठा गिरा था। श्री मंदिर के माध्यम से इसमें भाग लें और इन दिव्य शक्तियों का आशीष पाएं।