कोर्ट कचहरी एवं शत्रुओं पर विजय प्राप्ति के लिए अम्बुबाची मेला: मंदिर पुनरारंभ विशेष मां बगलामुखी तंत्र युक्त महायज्ञ
कोर्ट कचहरी एवं शत्रुओं पर विजय प्राप्ति के लिए अम्बुबाची मेला: मंदिर पुनरारंभ विशेष मां बगलामुखी तंत्र युक्त महायज्ञ
कोर्ट कचहरी एवं शत्रुओं पर विजय प्राप्ति के लिए अम्बुबाची मेला: मंदिर पुनरारंभ विशेष मां बगलामुखी तंत्र युक्त महायज्ञ
कोर्ट कचहरी एवं शत्रुओं पर विजय प्राप्ति के लिए अम्बुबाची मेला: मंदिर पुनरारंभ विशेष मां बगलामुखी तंत्र युक्त महायज्ञ
कोर्ट कचहरी एवं शत्रुओं पर विजय प्राप्ति के लिए अम्बुबाची मेला: मंदिर पुनरारंभ विशेष मां बगलामुखी तंत्र युक्त महायज्ञ
कोर्ट कचहरी एवं शत्रुओं पर विजय प्राप्ति के लिए अम्बुबाची मेला: मंदिर पुनरारंभ विशेष मां बगलामुखी तंत्र युक्त महायज्ञ
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कोर्ट कचहरी एवं शत्रुओं पर विजय प्राप्ति के लिए अम्बुबाची मेला: मंदिर पुनरारंभ विशेष मां बगलामुखी तंत्र युक्त महायज्ञ
कोर्ट कचहरी एवं शत्रुओं पर विजय प्राप्ति के लिए अम्बुबाची मेला: मंदिर पुनरारंभ विशेष मां बगलामुखी तंत्र युक्त महायज्ञ
अम्बुबाची मेला: मंदिर पुनरारंभ विशेष

मां बगलामुखी तंत्र युक्त महायज्ञ

कोर्ट कचहरी एवं शत्रुओं पर विजय प्राप्ति के लिए
temple venue
माँ बगलामुखी मंदिर, गुवाहाटी, असम
pooja date
27 जून, गुरुवार, आषाढ़ कृष्ण षष्ठी
पूजा बुकिंग बंद होने में शेष समय:
Day
Hour
Min
Sec
slideslideslide
srimandir devotees
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अब तक2,00,000+भक्तोंश्री मंदिर द्वारा आयोजित पूजाओ में भाग ले चुके हैं

कोर्ट कचहरी एवं शत्रुओं पर विजय प्राप्ति के लिए अम्बुबाची मेला: मंदिर पुनरारंभ विशेष मां बगलामुखी तंत्र युक्त महायज्ञ

🛕मंदिर के कपाट खुलने के बाद पहली पूजा🌸

हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, मां बगलामुखी को दस महाविद्याओं में आठवां स्थान प्राप्त है। शत्रुओं एवं बाधाओं पर विजय पाने के लिए इनकी पूजा की जाती है। मां बगलामुखी संपूर्ण ब्रह्मांड की शक्ति का प्रतीक हैं। वे मुख्य रूप से असम के गुवाहाटी में कामाख्या तीर्थ क्षेत्र में पूजी जाती हैं। हर साल जून में, कामाख्या तीर्थ क्षेत्र में अंबुबाची मेला मनाया जाता है, माना जाता है कि मां कामाख्या इस समय रजस्वला होती हैं। इस दौरान मंदिर के कपाट तीन दिनों के लिए बंद कर दिए जाते हैं और दर्शन भी वर्जित होते हैं। तीन दिनों के बाद यह मंदिर फिर से खुलता है जिसके बाद पहली पूजा का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें माता विश्राम के बाद अपनी नई ऊर्जा के साथ भक्तों को जीवन में नवीनीकरण का आशीष देती हैं।

अंबुबाची मेले के समापन के बाद न केवल मां कामाख्या, बल्कि मां बगलामुखी की भी पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस शुभ दिन पर कामाख्या तीर्थ क्षेत्र में मां बगलामुखी की पूजा करना अत्यधिक लाभकारी होता है। मान्यता है कि यहां मां बगलामुखी की पूजा करने वाला कोई भी भक्त खाली हाथ वापस नहीं लौटता और वो सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं। इसके अलावा, मां बगलामुखी भक्तों को कोर्ट कचहरी एवं शत्रुओं पर विजय प्राप्ति का आशीष भी देती हैं। मां बगलामुखी की पूजा कर हजार गुना अधिक फल प्राप्त करने के लिए इस शुभ दिन मां बगलामुखी के इस प्रसिद्ध मंदिर में पूजा करवाएं, श्री मंदिर के माध्यम से अम्बुबाची मेला: मंदिर पुनरारंभ विशेष मां बगलामुखी तंत्र युक्त महायज्ञ में भाग लें और देवी बगलामुखी का आशीर्वाद प्राप्त करें।

पूजा लाभ

puja benefits
कानूनी मामलों में विजय
दस महाविद्याओं में से एक, माँ बगलामुखी कोर्ट कचहरी से संबंधित मामलों में आने वाली बाधाओं को दूर करती हैं। माँ बगलामुखी को किसी भी तरह के कानूनी मामलों में जीत हासिल करने के लिए पूजनीय माना गया है। इस विशेष यज्ञ को करने वाले भक्तों को माँ बगलामुखी जीत का आशीष प्रदान करती हैं। इस शुभ मौके पर आप बगलामुखी का अभिमंत्रित यंत्र अपने घर लाकर रख सकते हैं इससे आपको किसी भी कार्य में विजय का वरदान मिलता है।
puja benefits
शत्रुओं पर विजय
माँ बगलामुखी अपने भक्तों को उनके अंदर की नकारात्मकता के साथ बाहरी विरोधियों से लड़ने की ताकत प्रदान करती हैं। इनकी पूजा विशेष रूप से शत्रु भय से मुक्ति एवं शत्रुओं पर विजय प्राप्ति के लिए की जाती है। त्रेतायुग में भी लंका विजय के दौरान भगवान श्रीराम ने भी माता बगलामुखी की आराधना की थी।
puja benefits
मनोकामनाओं की पूर्ति
माँ बगलामुखी की पूजा करने से भक्तों के जीवन से सभी प्रकार की व्याधियां दूर हो जाती है। इस पूजा को करने से भक्तों के जीवन में सभी तरह के सुख, समृद्धि, खुशहाली के साथ मनोकानमाओं की पूर्ति का आशीष मिलता है। मान्यता है कि इस दौरान मां बगलामुखी की अभिमंत्रित तस्वीर अपने घर पर लाने से भक्तों को सभी कष्टों से मुक्त कर मनोकामना पूर्ति का आशीष प्राप्त होता है।

पूजा प्रक्रिया

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पूजा चयन करें

4 विभिन्न पूजा पैकेज ऑप्शन से चयन करें।
Number-1

अर्पण जोड़ें

अपनी पूजा के साथ गौ सेवा, वस्त्र दान, दीप दान भी करें। पूजा के लिए भुगतान करें।
Number-2

संकल्प विवरण दर्ज करें

अपना नाम और गोत्र दर्ज करें।
Number-3

लाइव परिक्रमा

यज्ञ के दिन सुबह 6 बजे मंदिर की लाइव परिक्रमा से जुड़ने के लिए आपके साथ एक लिंक शेयर किया जाएगा।
Number-4

पूजा दिन

अनुभवी पंडितों द्वारा वैदिक प्रक्रिया के अनुसार पूजा होगी। आपको अपने WhatsApp नंबर पर अपडेट्स मिलेंगे।

माँ बगलामुखी मंदिर, गुवाहाटी, असम

माँ बगलामुखी मंदिर, गुवाहाटी, असम
गुवाहाटी के शक्तिपीठ कामाख्या तीर्थक्षेत्र में माँ बगलामुखी का प्रख्यात मंदिर है। आदिशक्ति के दस महाविद्या में देवी बगलामुखी को आठवां रूप माना गया है। मां बगलामुखी आदि पराशक्ति के क्रोधित रूपों में से एक हैं। इनकी पूजा विशेष रूप से शत्रु भय से मुक्ति एवं शत्रुओं पर विजय प्राप्ति के लिए की जाती है। मां बगलामुखी की उत्पत्ति को लेकर कथा प्रचलित है, एक बार देवताओं और असुरों के बीच महायुद्ध हुआ था। जिसमें असुरों की ओर से मदनासुर जैसे शक्तिशाली असुर के नेतृत्व में असुर विजय प्राप्त करने लगे थें। तभी पराजय के भय से देवताओं ने माता रानी को याद किया।

देवताओं की प्रार्थना सुन, मां दुर्गा ने अपनी शक्ति से देवी बगलामुखी को प्रकट किया। अपनी अद्भुत शक्ति के साथ युद्धभूमि में मां बगलामुखी मदनासुर के सामने आईं और उसको भ्रमित कर, शक्तिहीन बना दिया। देवी बगलामुखी के कारण देवताओं ने जीत हासिल कर ब्रह्मांड में संतुलन को पुनः स्थापित किया। इस तीर्थ क्षेत्र में प्रतिवर्ष अम्बुबाची मेला लगता है। मान्यता के अनुसार, अम्बुबाची मेले के दौरान 3 दिनों तक मां कामाख्या का मासिक धर्म चलता है, जिससे मंदिर के पीछे बहने वाली ब्रह्मपुत्र नदी का जल भी लाल रंग का हो जाता है। मान्यता है की इस पावन अवसर पर जो भी भक्त यहां से अभिमंत्रित वस्तुओं को अपने घर पर रखता है उनकी सभी प्रकार की व्याधियां दूर होकर, जीवन में सुख, समृद्धि, खुशहाली एवं विजय प्राप्त करता है।

पूजा का चयन करें

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व्यक्तिगत पूजा

अधिकतम 1 व्यक्ति के लिए पूजा कराएं

21 से 27 तारीख तक सुबह 6 बजे IST कामाख्या शक्तिपीठ की दैनिक लाइव परिक्रमा में शामिल हों
21 से 27 तारीख तक अंबुबाची समारोह के वीडियो अंश प्रतिदिन आपके साथ साझा किए जाएंगे।
आपके नाम एवं गोत्र संकल्प के साथ आपकी पूजा गर्भगृह के अंदर की जाएगी। हालाँकि मंदिर अधिकारियों द्वारा गर्भगृह के अंदर वीडियो रिकॉर्डिंग की सख्त मनाही है, इसलिए हम पूजा की वॉयस रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराएंगे।
मंदिर परिसर में की गई पूजा एवं यज्ञ का वीडियो आपके नाम-संकल्प के साथ इसके पूरा होने पर आपके साथ शेयर किया जाएगा।
हम आपके पंजीकृत व्हाट्सएप नंबर पर पूजा वीडियो शेयर करेंगे, या फिर आप इसे अपनी बुकिंग हिस्ट्री में भी देख सकते हैं।
शक्ति पीठ माँ कामाख्या क्षेत्र से आपके द्वारा चुने गए तीर्थ प्रसाद जैसे पंचमेवा, अभिमंत्रित चुनरी, सिंदूर, रक्षा सूत्र एवं चुने हुए अन्य अभिमंत्रित वस्तुएं आपके पते पर 15-20 दीनो के अंदर भेजे जाएंगे।

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पार्टनर पूजा

अधिकतम 2 व्यक्ति के लिए पूजा कराएं

21 से 27 तारीख तक सुबह 6 बजे IST कामाख्या शक्तिपीठ की दैनिक लाइव परिक्रमा में शामिल हों।
21 से 27 तारीख तक अंबुबाची समारोह के वीडियो अंश प्रतिदिन आपके साथ साझा किए जाएंगे।
आपके नाम एवं गोत्र संकल्प के साथ आपकी पूजा गर्भगृह के अंदर की जाएगी। हालाँकि मंदिर अधिकारियों द्वारा गर्भगृह के अंदर वीडियो रिकॉर्डिंग की सख्त मनाही है, इसलिए हम पूजा की वॉयस रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराएंगे।
मंदिर परिसर में की गई पूजा एवं यज्ञ का वीडियो आपके नाम-संकल्प के साथ इसके पूरा होने पर आपके साथ शेयर किया जाएगा।
हम आपके पंजीकृत व्हाट्सएप नंबर पर पूजा वीडियो शेयर करेंगे, या फिर आप इसे अपनी बुकिंग हिस्ट्री में भी देख सकते हैं।
शक्ति पीठ माँ कामाख्या क्षेत्र से आपके द्वारा चुने गए तीर्थ प्रसाद जैसे पंचमेवा, अभिमंत्रित चुनरी, सिंदूर, रक्षा सूत्र एवं चुने हुए अन्य अभिमंत्रित वस्तुएं आपके पते पर 15-20 दीनो के अंदर भेजे जाएंगे।

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पारिवारिक पूजा

अधिकतम 4 सदस्यों के लिए पूजा कराएं

21 से 27 तारीख तक सुबह 6 बजे IST कामाख्या शक्तिपीठ की दैनिक लाइव परिक्रमा में शामिल हों।
21 से 27 तारीख तक अंबुबाची समारोह के वीडियो अंश प्रतिदिन आपके साथ साझा किए जाएंगे।
आपके नाम एवं गोत्र संकल्प के साथ आपकी पूजा गर्भगृह के अंदर की जाएगी। हालाँकि मंदिर अधिकारियों द्वारा गर्भगृह के अंदर वीडियो रिकॉर्डिंग की सख्त मनाही है, इसलिए हम पूजा की वॉयस रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराएंगे।
मंदिर परिसर में की गई पूजा एवं यज्ञ का वीडियो आपके नाम-संकल्प के साथ इसके पूरा होने पर आपके साथ शेयर किया जाएगा।
हम आपके पंजीकृत व्हाट्सएप नंबर पर पूजा वीडियो शेयर करेंगे, या फिर आप इसे अपनी बुकिंग हिस्ट्री में भी देख सकते हैं।
शक्ति पीठ माँ कामाख्या क्षेत्र से आपके द्वारा चुने गए तीर्थ प्रसाद जैसे पंचमेवा, अभिमंत्रित चुनरी, सिंदूर, रक्षा सूत्र एवं चुने हुए अन्य अभिमंत्रित वस्तुएं आपके पते पर 15-20 दीनो के अंदर भेजे जाएंगे।

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संयुक्त परिवार पूजा

अधिकतम 6 सदस्यों के लिए पूजा कराएं

21 से 27 तारीख तक सुबह 6 बजे IST कामाख्या शक्तिपीठ की दैनिक लाइव परिक्रमा में शामिल हों।
21 से 27 तारीख तक अंबुबाची समारोह के वीडियो अंश प्रतिदिन आपके साथ साझा किए जाएंगे।
आपके नाम एवं गोत्र संकल्प के साथ आपकी पूजा गर्भगृह के अंदर की जाएगी। हालाँकि मंदिर अधिकारियों द्वारा गर्भगृह के अंदर वीडियो रिकॉर्डिंग की सख्त मनाही है, इसलिए हम पूजा की वॉयस रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराएंगे।
मंदिर परिसर में की गई पूजा एवं यज्ञ का वीडियो आपके नाम-संकल्प के साथ इसके पूरा होने पर आपके साथ शेयर किया जाएगा।
हम आपके पंजीकृत व्हाट्सएप नंबर पर पूजा वीडियो शेयर करेंगे, या फिर आप इसे अपनी बुकिंग हिस्ट्री में भी देख सकते हैं।
शक्ति पीठ माँ कामाख्या क्षेत्र से आपके द्वारा चुने गए तीर्थ प्रसाद जैसे पंचमेवा, अभिमंत्रित चुनरी, सिंदूर, रक्षा सूत्र एवं चुने हुए अन्य अभिमंत्रित वस्तुएं आपके पते पर 15-20 दीनो के अंदर भेजे जाएंगे।

कैसा रहा श्री मंदिर पूजा सेवा का अनुभव?

क्या कहते हैं श्रद्धालु?
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जय राज यादव

दिल्ली
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रमेश चंद्र भट्ट

नागपुर
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अपर्णा मॉल

पुरी
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शिवराज डोभी

आगरा
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मुकुल राज

लखनऊ
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सुनील कुमार सैनी

चंडीगढ़

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों