जीवन में नकारात्मकता से मुक्ति एवं मानसिक व शारीरिक शक्ति प्राप्ति के लिए बजरंग बाण एवं सुंदरकांड पाठ और तुलसी व बेसन के लड्डू का भोग
जीवन में नकारात्मकता से मुक्ति एवं मानसिक व शारीरिक शक्ति प्राप्ति के लिए बजरंग बाण एवं सुंदरकांड पाठ और तुलसी व बेसन के लड्डू का भोग
जीवन में नकारात्मकता से मुक्ति एवं मानसिक व शारीरिक शक्ति प्राप्ति के लिए बजरंग बाण एवं सुंदरकांड पाठ और तुलसी व बेसन के लड्डू का भोग
जीवन में नकारात्मकता से मुक्ति एवं मानसिक व शारीरिक शक्ति प्राप्ति के लिए बजरंग बाण एवं सुंदरकांड पाठ और तुलसी व बेसन के लड्डू का भोग
जीवन में नकारात्मकता से मुक्ति एवं मानसिक व शारीरिक शक्ति प्राप्ति के लिए बजरंग बाण एवं सुंदरकांड पाठ और तुलसी व बेसन के लड्डू का भोग
जीवन में नकारात्मकता से मुक्ति एवं मानसिक व शारीरिक शक्ति प्राप्ति के लिए बजरंग बाण एवं सुंदरकांड पाठ और तुलसी व बेसन के लड्डू का भोग
जीवन में नकारात्मकता से मुक्ति एवं मानसिक व शारीरिक शक्ति प्राप्ति के लिए बजरंग बाण एवं सुंदरकांड पाठ और तुलसी व बेसन के लड्डू का भोग
अयोध्या रामजन्मभूमि विशेष

बजरंग बाण एवं सुंदरकांड पाठ और तुलसी व बेसन के लड्डू का भोग

जीवन में नकारात्मकता से मुक्ति एवं मानसिक व शारीरिक शक्ति प्राप्ति के लिए
temple venue
श्री प्राचीन राज द्वार मंदिर, अयोध्या
pooja date
Warning Infoइस पूजा की बुकिंग बंद हो गई है
srimandir devotees
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अब तक2,00,000+भक्तोंश्री मंदिर द्वारा आयोजित पूजाओ में भाग ले चुके हैं

जीवन में नकारात्मकता से मुक्ति एवं मानसिक व शारीरिक शक्ति प्राप्ति के लिए बजरंग बाण एवं सुंदरकांड पाठ और तुलसी व बेसन के लड्डू का भोग

भगवान राम के सबसे बड़े भक्त हनुमान है, जो लोग इनकी पूजा करते हैं वे सभी परेशानियों व बाधाओं से मुक्त हो जाते हैं। भगवान हनुमान को समर्पित बजरंग बाण एक शक्तिशाली पाठ है, जिसके जाप से जीवन में शक्ति एवं साहस की प्राप्ति होती है। वहीं सुंदरकांड पाठ करने से भय से मुक्ति मिलती है और आत्मविश्वास की वृद्धि होती है। हिंदू धर्म में सभी देवी-देवताओं की उपासना के साथ भोग लगाने का विशेष महत्व है। हनुमान जी को भी कई तरह की चीजें चढ़ाई जाती हैं, जिनमें तुलसी सबसे महत्वपूर्ण है।

इस प्रथा के पीछे एक पौराणिक कथा भी प्रचलित है, कहते हैं कि एक बार माता सीता ऋषि वाल्मीकि के आश्रम में खाना बना रही थीं, तो हनुमान जी भूख व्यक्त करते हुए पहुंचे। माता सीता ने उन्हें भोजन परोसा, लेकिन सब कुछ खाने के बावजूद हनुमान की भूख शांत नहीं हो रही थी, यहां तक ​​कि भंडार भी खाली हो गया था। श्री राम के सुझाव पर माता सीता ने हनुमानजी को भोजन के साथ एक तुलसी का पत्ता दिया। जैसे ही उन्होंने तुलसी पत्ता ग्रहण किया, उनकी भूख शांत हो गई। तभी से हनुमान जी के प्रसाद में तुलसी के पत्ते शामिल करने की परंपरा चलती आ रही है। तुलसी के साथ-साथ बेसन के लड्डू भी हनुमान जी को अत्यंत प्रिय है। मंगलवार के शुभ दिन पर अयोध्या के श्री प्राचीन राजद्वार मंदिर में आयोजित होने वाले बजरंग बाण एवं सुंदरकांड पाठ में भाग लें और जीवन से कष्टों को दूर करने का आशीष पाएं।

पूजा लाभ

puja benefits
नकारात्मकता से मुक्ति
ऐसा माना जाता है कि बजरंग बाण का नियमित पाठ नकारात्मक ऊर्जा, बुरी आत्माओं और काले जादू से सुरक्षा प्रदान करता है। वहीं सुंदरकांड का पाठ आपके आस-पास की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और यह नकारात्मक ऊर्जाओं और बुरी शक्तियों से सुरक्षा भी प्रदान करता है। इसलिए मंगलवार के दिन इस पूजा को करने से नकारात्मकता से मुक्ति मिलती है।
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मानसिक एवं शारीरिक शक्ति
हनुमान जी शक्ति, सहनशक्ति, निष्ठा और भक्ति के अवतार हैं, इसलिए हनुमान जी के सुंदरकांड पाठ को करने से भक्तों में उनके जैसे गुणों को विकसित करने में मदद मिलती है। इसके अलावा बजरंग बाण से भक्त अपने अपने अंदर दिव्य ऊर्जा शक्ति का अनुभव करते हैं, जिससे उनके अंदर आत्मविश्वास की वृद्धि भी होती है।
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बाधाओं से मुक्ति
मान्यता है कि बजरंग बाण से जीवन में सुख-समृद्धि एवं धन की प्राप्ति होती है तथा जीवन की सभी बाधाएं भी दूर हो जाती हैं। वहीं हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए सुंदरकांड का पाठ अत्यंत प्रभावकारी होता है इससे व्यक्ति को सुरक्षा प्राप्ति के साथ जीवन में आने वाले सभी बाधाओं रक्षा का वरदान मिलता है। कहते हैं कि हनुमान जी की पूजा के साथ उनके प्रिय भोग बेसन के लड्डू एवं तुलसी का भोग लगाने से हर काम सफलता मिलती है।

पूजा प्रक्रिया

Number-0

पूजा चयन करें

4 विभिन्न पूजा पैकेज ऑप्शन से चयन करें।
Number-1

अर्पण जोड़ें

अपनी पूजा के साथ गौ सेवा, वस्त्र दान, दीप दान भी करें। पूजा के लिए भुगतान करें।
Number-2

संकल्प विवरण दर्ज करें

अपना नाम और गोत्र दर्ज करें।
Number-3

पूजा दिन

अनुभवी पंडितों द्वारा वैदिक प्रक्रिया के अनुसार पूजा होगी। आपको अपने WhatsApp नंबर पर अपडेट्स मिलेंगे।
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पूजा वीडियो एबं तीर्थ प्रसाद डिलीवरी

अपने पंजीकृत WhatsApp नंबर पर पूजा के 4-5 दिनों में पूजा वीडियो एबं आपके दिए गए पते पर 8-10 दिनों बाद तीर्थ प्रसाद प्राप्त करें ।

श्री प्राचीन राज द्वार मंदिर, अयोध्या

श्री प्राचीन राज द्वार मंदिर, अयोध्या
अयोध्या में मौजूद रामकोट क्षेत्र में स्थापित श्री प्राचीन राजद्वार मंदिर को अयोध्या के सबसे ऊँचे मंदिरों में से एक माना जाता है। कहते हैं कि श्री राम, सीताजी एवं लक्ष्मणजी वनवास जाने के समय इसी मंदिर से होकर गए थे। रामकोट क्षेत्र यानि श्री राम का महल या राजदरबार, भगवान श्री राम के राजदरबार की शुरुआत इसी मंदिर से होती है, क्योंकि यह मंदिर भगवान श्री राम के राजदरबार का मुख्य द्वार था, इसलिए इस मंदिर को श्री राजद्वार मंदिर के नाम से जाना जाता है।

राजदरबार के इस मुख्य द्वार की रक्षा करने हेतु रामभक्त हनुमानजी भी वहां बैठे हैं, जिसे आज हम अयोध्या के लोकप्रिय श्री हनुमानगढ़ी मंदिर के नाम से जानते हैं। श्री राजद्वार मंदिर को अयोध्या का केंद्रबिंदु भी माना जाता है। इस मंदिर का पुनर्निर्माण अयोध्या नरेश श्री राजा मानसिंह ने आज से 900 वर्ष पहले करवाया था। ऐसी भी मान्यता है की इस मंदिर में भगवान श्री राम अपने सम्पूर्ण परिवार अर्थात सीताजी, लक्ष्मणजी एवं पवनपुत्र हनुमानजी के साथ विराजमान है। ऐसे में यहां पूजा करने से भगवान श्री राम भक्तों के सम्पूर्ण परिवार को रक्षा प्रदान करते हैं।

कैसा रहा श्री मंदिर पूजा सेवा का अनुभव?

क्या कहते हैं श्रद्धालु?
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जय राज यादव

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मुकुल राज

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