रिश्तों में विवादों से मुक्ति एवं अपार प्रेम प्राप्ति के लिए नवरात्रि काशी विशेष गौरी शंकर पूजा एवं शिव गौरी स्तोत्र पाठ
रिश्तों में विवादों से मुक्ति एवं अपार प्रेम प्राप्ति के लिए नवरात्रि काशी विशेष गौरी शंकर पूजा एवं शिव गौरी स्तोत्र पाठ
रिश्तों में विवादों से मुक्ति एवं अपार प्रेम प्राप्ति के लिए नवरात्रि काशी विशेष गौरी शंकर पूजा एवं शिव गौरी स्तोत्र पाठ
रिश्तों में विवादों से मुक्ति एवं अपार प्रेम प्राप्ति के लिए नवरात्रि काशी विशेष गौरी शंकर पूजा एवं शिव गौरी स्तोत्र पाठ
रिश्तों में विवादों से मुक्ति एवं अपार प्रेम प्राप्ति के लिए नवरात्रि काशी विशेष गौरी शंकर पूजा एवं शिव गौरी स्तोत्र पाठ
रिश्तों में विवादों से मुक्ति एवं अपार प्रेम प्राप्ति के लिए नवरात्रि काशी विशेष गौरी शंकर पूजा एवं शिव गौरी स्तोत्र पाठ
रिश्तों में विवादों से मुक्ति एवं अपार प्रेम प्राप्ति के लिए नवरात्रि काशी विशेष गौरी शंकर पूजा एवं शिव गौरी स्तोत्र पाठ
temple venue
प्राचीन पंच रत्न मंदिर, काशी, उत्तर प्रदेश
pooja date
Warning Infoइस पूजा की बुकिंग बंद हो गई है
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
अब तक1,50,000+भक्तोंश्री मंदिर द्वारा आयोजित पूजाओ में भाग ले चुके हैं

रिश्तों में विवादों से मुक्ति एवं अपार प्रेम प्राप्ति के लिए नवरात्रि काशी विशेष गौरी शंकर पूजा एवं शिव गौरी स्तोत्र पाठ

हिंदू पौराणिक कथाओं में गौरी शंकर का स्वरूप भगवान शिव और देवी पार्वती की संयुक्त ऊर्जा व शक्तियों का रूप माना गया है। नवरात्रि के शुभ अवसर पर काशी के श्री प्राचीन पंच रत्न मंदिर में गौरी-शंकर पूजा एवं शिव-गौरी स्तोत्र पाठ का आयोजन किया जा रहा है। यदि आपके रिश्ते में समस्याएं, स्नेह की कमी, वैवाहिक जीवन में तनाव, या योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति में देरी का सामना कर रहे हैं, तो 11 अप्रैल, 2024 को होने वाली इस पूजा में श्री मंदिर के माध्यम से भाग लें और नकारात्मकता से छुटकारा पाने व प्रेम, सुख, शांति और समृद्धि के मार्ग में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए भगवान शिव और मां पार्वती से आशीर्वाद लें।

पूजा लाभ

puja benefits
विवादों का समाधान
गौरी-शंकर पूजा में भगवान शिव और देवी पार्वती के आशीर्वाद की कामना की जाती है। हिंदू पौराणिक कथाओं में शिव-पार्वती को वैवाहिक सद्भाव का प्रतीक माना जाता है। इस पूजा को आस्थापूर्वक करके विवाहित जोड़े अपने रिश्ते में होने वाली कलह व गलतफहमियों से छुटकारा पाने की कामना करते हैं।
puja benefits
वैवाहिक सुख के लिए
माना जाता है कि इस अनुष्ठान में भगवान शिव और देवी पार्वती की एक साथ पूजा करने से सुखमय वैवाहिक जीवन के लिए उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। शिव पार्वती का दिव्य युगल पुरुष व स्त्री की ऊर्जा के मिलन का प्रतीक होता है, जो लोगों को एक संतुलित एवं सामंजस्यपूर्ण संबंध बनाने की प्रेरणा देता है।
puja benefits
विवाह में देरी का समाधान
जिन जातकों की जन्म कुंडली में मांगलिक दोष का प्रभाव हो और उनके विवाह में विलम्ब हो रहा हो, ऐसे जातकों द्वारा इस पूजा में भाग लेने से उन्हें शीघ्र वैवाहिक सुख प्राप्त होता है।
puja benefits
योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति
देवी पार्वती को आदर्श नारीत्व के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है, जो प्रेम, भक्ति व पवित्रता जैसे गुणों की प्रतीक हैं। भगवान शिव के साथ देवी पार्वती की पूजा करके भक्त योग्य व अनुकूल जीवनसाथी की कामना करते हैं, और इस विशेष अनुष्ठान के फलस्वरूप शिव पार्वती उनकी ये इच्छा पूर्ण करते हैं।

पूजा प्रक्रिया

Number-0

पूजा चयन करें

4 विभिन्न पूजा पैकेज ऑप्शन से चयन करें।
Number-1

अर्पण जोड़ें

अपनी पूजा के साथ गौ सेवा, वस्त्र दान, दीप दान भी करें। पूजा के लिए भुगतान करें।
Number-2

संकल्प विवरण दर्ज करें

भुगतान के बाद, अपना नाम और गोत्र दर्ज करें।
Number-3

पूजा दिन

अनुभवी पंडितों द्वारा वैदिक प्रक्रिया के अनुसार पूजा होगी। आपको अपने WhatsApp नंबर पर अपडेट्स मिलेंगे।
Number-4

पूजा वीडियो एबं तीर्थ प्रसाद डिलीवरी

अपने पंजीकृत WhatsApp नंबर पर पूजा के 4-5 दिनों में पूजा वीडियो एबं आपके दिए गए पते पर 8-10 दिनों बाद तीर्थ प्रसाद प्राप्त करें ।

प्राचीन पंच रत्न मंदिर,काशी, उत्तर प्रदेश

प्राचीन पंच रत्न मंदिर,काशी, उत्तर प्रदेश
भोलेनाथ की नगरी काशी को भारत का सबसे पवित्र शहर माना गया है। यहां शिव जी के अनेक रूपों की पूजा की जाती है। यहां विराजित प्राचीन पंच रत्न मंदिर एक धार्मिक स्थल है, जिसमें मुख्य रूप से भगवान शिव विराजित हैं। यह मंदिर वास्तुकला की पंचायतन शैली में बनाया गया है, जिसमें एक मुख्य केंद्रीय मंदिर के चारों ओर चार सहायक मंदिर निर्मित किए गए हैं।

प्रत्येक सहायक मंदिर एक अलग-अलग देवता को समर्पित है। प्राचीन पंच रत्न मंदिर का मुख्य केंद्रीय मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, जबकि चार सहायक मंदिरों में अन्य हिन्दू देवताओं की मूर्तियां विराजित हैं जैसे कि भगवान विष्णु, देवी पार्वती, भगवान गणेश और भगवान सूर्य।

इस मंदिर में भक्त वैवाहिक जीवन में चल रहे विवादों के समाधान के लिए और प्रेम प्राप्ति के लिए भगवान शिव व अन्य देवताओं से आराधना करने के लिए आते हैं। यह हिंदुओं के लिए धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण तीर्थ स्थान है, विशेष रूप से उन भक्तों के लिए जो अपने रिश्तों में अपार सुख एवं प्रेम की कामना करना चाहते हैं।

कैसा रहा श्री मंदिर पूजा सेवा का अनुभव?

क्या कहते हैं श्रद्धालु?
User review
User Image

जय राज यादव

दिल्ली
User review
User Image

रमेश चंद्र भट्ट

नागपुर
User review
User Image

अपर्णा मॉल

पुरी
User review
User Image

शिवराज डोभी

आगरा
User review
User Image

मुकुल राज

लखनऊ
User review
User Image

सुनील कुमार सैनी

चंडीगढ़
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों