ऋण मुक्ति, आर्थिक समृद्धि एवं स्थिरता के लिए वैशाख पूर्णिमा काशी विशेष स्वर्णाकर्षण भैरव मंत्र जाप और बटुक भैरव स्तोत्र पाठ
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ऋण मुक्ति, आर्थिक समृद्धि एवं स्थिरता के लिए वैशाख पूर्णिमा काशी विशेष स्वर्णाकर्षण भैरव मंत्र जाप और बटुक भैरव स्तोत्र पाठ
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ऋण मुक्ति, आर्थिक समृद्धि एवं स्थिरता के लिए वैशाख पूर्णिमा काशी विशेष स्वर्णाकर्षण भैरव मंत्र जाप और बटुक भैरव स्तोत्र पाठ
ऋण मुक्ति, आर्थिक समृद्धि एवं स्थिरता के लिए वैशाख पूर्णिमा काशी विशेष स्वर्णाकर्षण भैरव मंत्र जाप और बटुक भैरव स्तोत्र पाठ
वैशाख पूर्णिमा काशी विशेष

स्वर्णाकर्षण भैरव मंत्र जाप और बटुक भैरव स्तोत्र पाठ

ऋण मुक्ति, आर्थिक समृद्धि एवं स्थिरता के लिए
temple venue
श्री बटुक भैरव मंदिर, काशी
pooja date
Warning Infoइस पूजा की बुकिंग बंद हो गई है
srimandir devotees
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अब तक2,00,000+भक्तोंश्री मंदिर द्वारा आयोजित पूजाओ में भाग ले चुके हैं

ऋण मुक्ति, आर्थिक समृद्धि एवं स्थिरता के लिए वैशाख पूर्णिमा काशी विशेष स्वर्णाकर्षण भैरव मंत्र जाप और बटुक भैरव स्तोत्र पाठ

हिंदू धर्म में भगवान भैरव को एक ऐसे देवता के रूप में पूजा जाता है जो आर्थिक समस्याओं समेत जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में बाधाओं को दूर कर आशीष देते हैं। श्री स्वर्णाकर्षण भैरव, काल भैरव के सात्विक रूप हैं जिनकी पूजा से समृद्धि एवं धन प्राप्ति की जाती है। पूर्णिमा के दिन भगवान भैरव के इस सात्विक रूप की पूजा करना अत्यधिक लाभकारी है। मान्यता है कि बटुक भैरव स्तोत्र पाठ के साथ स्वर्णाकर्षण भैरव मंत्र का जाप करने से आर्थिक समस्याओं को दूर करने एवं समृद्धि को आकर्षित करने में मदद मिलती है। यह पूजा दिनांक 23 मई 2024 को वैशाख पूर्णिमा के शुभ दिन पर काशी के श्री बटुक भैरव मंदिर में आयोजित की जाएगी। श्री मंदिर के माध्यम से इस पूजा में भाग लें और भगवान भैरव से आशीर्वाद प्राप्त करें।

पूजा लाभ

puja benefits
ऋण मुक्ति
पूर्णिमा के शुभ दिन स्वर्णाकर्षण भैरव की पूजा करने से जीवन की सभी आर्थिक समस्याओं या कर्ज से मुक्ति मिलती है। इसके अलावा रोजगार में तरक्की, व्यापार में लाभ एवं धन प्राप्ति के कई नए रास्ते खुलते हैं। स्वर्णाकर्षण भैरव मंत्र जाप और बटुक भैरव स्तोत्र पाठ करने से भगवान भैरव अपने भक्तों को कर्ज मुक्ति के साथ-साथ भौतिक सुख-समृद्धि का आशीर्वाद भी देते हैं।
puja benefits
आर्थिक समृद्धि एवं स्थिरता की प्राप्ति
माना जाता है कि भगवान भैरव जी के स्वर्णाकर्षण रूप की पूजा-अर्चना करने से भक्तों के जीवन में उपस्थित 8 प्रकार की दरिद्रता का नाश होता है और उनकी कृपा से धन-संपत्ति में विपुल एवं निरंतर प्रगति होती है। स्वर्णाकर्षण भैरव मंत्र जाप और बटुक भैरव स्तोत्र पाठ करने से आपकी सभी आर्थिक समस्याएं दूर हो जाती हैं।
puja benefits
बाधाओं से सुरक्षा
भगवान भैरव की पूजा नकारात्मक ऊर्जाओं के खिलाफ एक सुरक्षा कवच की ढाल बनकर रक्षा करती है, जो आपको बाधाओं एवं नकारात्मक प्रभावों से बचाती है। पूर्णिमा के शुभ दिन पर स्वर्णाकर्षण भैरव मंत्र जाप और बटुक भैरव स्तोत्र पाठ करने से आपके रास्ते में आने वाली सभी प्रकार की प्रतिकूलताओं को दूर करके सुखी जीवन का आशीर्वाद मिलता है।

पूजा प्रक्रिया

Number-0

पूजा चयन करें

4 विभिन्न पूजा पैकेज ऑप्शन से चयन करें।
Number-1

अर्पण जोड़ें

अपनी पूजा के साथ गौ सेवा, वस्त्र दान, दीप दान भी करें। पूजा के लिए भुगतान करें।
Number-2

संकल्प विवरण दर्ज करें

अपना नाम और गोत्र दर्ज करें।
Number-3

पूजा दिन

अनुभवी पंडितों द्वारा वैदिक प्रक्रिया के अनुसार पूजा होगी। आपको अपने WhatsApp नंबर पर अपडेट्स मिलेंगे।
Number-4

पूजा वीडियो एबं तीर्थ प्रसाद डिलीवरी

अपने पंजीकृत WhatsApp नंबर पर पूजा के 4-5 दिनों में पूजा वीडियो एबं आपके दिए गए पते पर 8-10 दिनों बाद तीर्थ प्रसाद प्राप्त करें ।

श्री बटुक भैरव मंदिर,काशी

श्री बटुक भैरव मंदिर,काशी
महादेव की नगरी काशी में भक्तों की पूजा भैरव के दर्शन के बिना अधूरी मानी जाती है। इस मंदिर में काल भैरव दो रूप में विराजमान है, बटुक भैरव और आदि भैरव। बटुक भैरव काल भैरव के ही ‘बाल रूप’ हैं। स्वर्णाकर्षण भैरव, भगवान भैरव जी का सात्त्विक रूप है, इन्हें धन-धान्य और संपत्ति का अधिष्ठाता माना जाता है। इनकी पूजा विपुल एवं निरंतर धन प्राप्ति के लिए की जाती है। जैसे सोना धरती के गर्भ में होता है, वैसे ही श्री स्वर्णाकर्षण भैरव हमेशा पाताल में निवास करते हैं।

माना जाता है कि स्वर्णाकर्षण साधना से भैरव जी प्रसन्न होकर भक्तों को सुरक्षा प्रदान करते हैं, और कभी धन की कमी नहीं होने देते। भगवान भैरव की साधाना करने वाले भक्त वैभवयुक्त जीवन-यापन करते हैं। यही कारण है कि कालाष्टमी के दिन हजारों भक्त काशी में विराजित भैरव जी के पास अपनी मनोकामना लेकर आते हैं और यहां से कभी कोई खाली हाथ नहीं जाता है।

कैसा रहा श्री मंदिर पूजा सेवा का अनुभव?

क्या कहते हैं श्रद्धालु?
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