नव वर्ष के प्रथम दिन पर किया गया हर सुकर्म पूरे वर्ष में शुभ आशीर्वाद बनकर गूँजता है। इसलिए वर्ष की शुरुआत किसी निस्वार्थ सेवा से करने पर जीवन में सकारात्मकता, आध्यात्मिक विकास और मंगलकारी ऊर्जा का आगमन करती है।
🌟 गौ सेवा को पवित्र कर्म क्यों माना गया है?
गौ माता जीवनदायिनी मानी जाती हैं, क्योंकि उनका पोषक दूध शरीर, मन और अनेक धार्मिक अनुष्ठानों का आधार है।
पुराणों में वर्णित है कि प्रत्येक गौ में 33 कोटि देवताओं का वास माना जाता है, जो उनके दिव्य महत्त्व को दर्शाता है।
गौ सेवा को ईश्वर-सेवा का सीधा स्वरूप माना गया है, जिससे आत्मिक शांति, संतुलन और आध्यात्मिक उत्कर्ष प्राप्त होता है।
विशेषकर मथुरा में गौ सेवा करने से इस सेवा का फल कई गुना बढ़ जाता है, और जीवन में अपार पुण्य, समृद्धि और आशीर्वाद का संचार होता है।
🙏 आपकी सेवा कैसे प्रभाव डालती है?
गौ माता सेवा का समर्थन करते हुए आप मथुरा की इस गौशाला में रह रही 100 से अधिक गौ माताओं के रक्षक बन जाते हैं। सनातन धर्म में यह सेवा अत्यंत पवित्र और कल्याणकारी मानी गई है।
आपके द्वारा प्रदान किए गए भोजन और देखभाल से गौ माताओं को सुरक्षा, पोषण और सम्मानपूर्ण जीवन मिलता है। आपकी अर्पित सेवा उनके लिए संपूर्ण आहार बन जाती है, जो आगे चलकर असीम शुभता और आध्यात्मिक पुण्य का विस्तार करती है।
✨ एक अर्थपूर्ण परिवर्तन करें
आपका यह सुकर्म न केवल आपके जीवन में आनंद और आशीर्वाद लाएगा, बल्कि इन निरपराध प्राणियों के संरक्षण का माध्यम भी बनेगा। आज ही अपनी दिव्य सेवा बुक करें!







हम एक लाभकारी (For-Profit) तकनीकी कंपनी हैं, जो मंदिरों एवं/या पंजीकृत चैरिटेबल संस्थाओं (जैसे NGOs, सेक्शन 8 कंपनियाँ एवं ट्रस्ट्स) के लिए स्वैच्छिक दान के संग्रह और वितरण की प्रक्रिया को सुगम बनाती है। हम अपनी सेवाओं के लिए एक मामूली सेवा/प्रोसेसिंग शुल्क (यदि लागू हो) लेते हैं, और सभी लेन-देन पूर्णतः सुरक्षित एवं पारदर्शी होते हैं। हमारी भूमिका केवल दानकर्ताओं और दान प्राप्त करने वाली संस्थाओं के बीच सुरक्षित एवं पारदर्शी लेन-देन को सक्षम बनाने तक सीमित है। हम FCRA (विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम) के अंतर्गत अनुमति के बिना किसी भी विदेशी अंशदान को न तो आमंत्रित करते हैं और न ही स्वीकार करते हैं।
हम स्वयं को चैरिटेबल ट्रस्ट, धार्मिक न्यास या गैर-लाभकारी संस्था के रूप में प्रस्तुत नहीं करते हैं, जब तक कि ऐसा स्पष्ट रूप से उल्लेखित न हो और वह संस्था प्रासंगिक कानूनों के अंतर्गत विधिवत पंजीकृत न हो। आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80G के अंतर्गत कर छूट केवल तभी लागू होती है, जब दान प्राप्त करने वाली NGO के पास वैध 80G प्रमाणपत्र हो और उसने उसी के अनुरूप रसीद जारी की हो। हम किसी भी कर लाभ की गारंटी नहीं देते, जब तक कि उसे स्पष्ट रूप से उल्लेखित न किया गया हो। हमारे प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग करके, आप यह स्वीकार करते हैं कि आपका दान स्वैच्छिक है और आप स्वयं अपने दान से जुड़े कानूनी, कर एवं वित्तीय प्रभावों की पुष्टि करने के लिए पूर्णतः जिम्मेदार हैं।
श्री मंदिर चढ़ावा सेवा ऐप के जरिए, आपका चढ़ावा अनुभवी पुरोहितों द्वारा श्रद्धा पूर्वक अर्पित किया जाएगा, जिसका वीडियो 24-48 घंटों में प्राप्त होगा, जिससे आपको दिव्य आशीर्वाद और समृद्धि मिलेगी।
हाँ, चढ़ावा बुक करने के बाद आपको प्रमाणपत्र तुरंत उपलब्ध कराया जाएगा। आप अपनी बुकिंग के प्रमाणपत्र को 'चढ़ावा सेवा' पेज पर 'आपकी बुकिंग्स' में देख सकते हैं।
चढ़ावा बुकिंग के बाद आपको व्हाट्सऐप के माध्यम से जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, आप श्री मंदिर ऐप में "चढ़ावा बुकिंग" सेक्शन में जाकर अपने चढ़ावे की पूरी जानकारी देख सकते हैं।
श्री मंदिर एक ऐसा एप्लिकेशन है जो भारत के 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों में घर बैठे चढ़ावा चढ़ाने का अवसर प्रदान करता है।आप एक से अधिक चढ़ावे चुन सकते हैं और इन्हें एक ही ऑर्डर में शामिल कर सकते हैं।
यदि आपके चढ़ावे में कोई भी समस्या हो, तो आप हमारी श्री मंदिर ग्राहक सेवा टीम से 💬7829661119, 📞 08071174417 पर संपर्क कर सकते हैं, जो आपकी सहायता के लिए तत्पर है।