🌊 सृष्टि की एकमात्र नदी जिसके दर्शन मात्र से जन्मों के पाप धुल जाते हैं! इस जयंती, माँ नर्मदा की गोद में अर्पण कर पाएं अपने जीवन में सौभाग्य का आगमन।
गंगा कनखल में और काशी में विश्वनाथ ... पर जो केवल दर्शन मात्र से तार दे, वह है माँ नर्मदा!
25 जनवरी 2026 को वह पावन तिथि है जब भगवान शिव के तप से उत्पन्न साक्षात शक्ति माँ नर्मदा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। शास्त्रों में कहा गया है कि जहाँ अन्य नदियों में स्नान से शुद्धि होती है, वहाँ माँ नर्मदा के केवल दर्शन और स्मरण से ही जन्मों के पाप धुल जाते हैं।
🪔 नर्मदा तट पर आपकी त्रिवेणी सेवा
इस पावन जयंती पर, हम नर्मदा घाट पर आपकी ओर से तीन महापुण्य कार्य सम्पन्न करेंगे।
1️⃣ दीपदान
विधि: माँ नर्मदा के पवित्र जल में आपके नाम का प्रज्वलित दीपक प्रवाहित करना
भाव: जैसे यह दीपक नदी के प्रवाह में अपनी रोशनी बिखेरता है, वैसे ही यह अर्पण आपके जीवन से अंधकार (कष्ट/अज्ञान) को दूर कर आशा और सकारात्मकता की नई लौ जगाता है।
2️⃣ चढ़ावा
विधि: माँ नर्मदा को फूलों की टोकरी का अर्पण।
भाव: यह सिर्फ अर्पण नहीं, बल्कि आपकी श्रद्धा का प्रतीक है। यह चढ़ावा आपके घर में सौभाग्य और लक्ष्मी के वास को आमंत्रित करता है।
3️⃣ ब्राह्मण सेवा
विधि: तट पर उपस्थित तीर्थ ब्राह्मणों को भोजन
भाव: नर्मदा तट पर की गई सेवा कभी क्षय नहीं होती। ब्राह्मणों की तृप्ति से प्राप्त आशीर्वाद आपके पितरों को शांति एवं आपके परिवार के लिए सुरक्षा कवच का कार्य करता है।
✨ क्यों विशेष है यह अवसर?
माँ नर्मदा को शिव-सुता (शिव की पुत्री) कहा जाता है। मान्यता है कि नर्मदा जयंती के दिन माँ प्रसन्न मुद्रा में होती हैं और अपने भक्तों की हर पुकार सुनती हैं। इस दिन नर्मदा तट पर किया गया एक छोटा सा अर्पण भी मेरु पर्वत के समान विशाल पुण्य में बदल जाता है।
🙏 शिव की शक्ति और नर्मदा की भक्ति! आज ही अपनी सेवा बुक करें और घाट पर अपना स्थान सुनिश्चित करें।
इस सेवा में आप जो भी बुक करते हैं, वह केवल आपकी सेवा नहीं होती - आपकी भागीदारी हमें इस पुण्य कार्य को और अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करती है। यह योगदान किसी एक की नहीं, बल्कि एक सामूहिक सेवा का हिस्सा है।






श्री मंदिर चढ़ावा सेवा ऐप के जरिए, आपका चढ़ावा अनुभवी पुरोहितों द्वारा श्रद्धा पूर्वक अर्पित किया जाएगा, जिसका वीडियो 24-48 घंटों में प्राप्त होगा, जिससे आपको दिव्य आशीर्वाद और समृद्धि मिलेगी।
महासेवा एक अत्यंत पुण्यदायी और फलदायी सेवा है, जिसका उल्लेख वेद-पुराणों में बार-बार हुआ है। जब किसी व्यक्ति द्वारा भोजन, वस्त्र एवं अन्न जैसे उच्चतम कार्य श्रद्धा और निष्काम भाव से किए जाते हैं, तो उसे महादान कहा जाता है। यह सेवा न केवल दाता के पापों का क्षय करता है, बल्कि पितृ, देवता और ऋषियों को संतुष्ट कर जन्म-जन्मांतर के कर्मबंधन से मुक्ति दिलाता है!
हाँ, सेवा बुक करने के बाद आपको प्रमाणपत्र तुरंत उपलब्ध कराया जाएगा। आप अपनी बुकिंग के प्रमाणपत्र को 'सेवा' पेज पर 'आपकी बुकिंग्स' सेक्शन में देख सकते हैं।
सेवा बुकिंग के बाद आपको WhatsApp के माध्यम से अपडेट्स मिलते रहेंगे। इसके अलावा, आप श्री मंदिर ऐप के "सेवा बुकिंग" सेक्शन में जाकर अपनी सेवा की पूरी जानकारी देख सकते हैं।
श्री मंदिर एक ऐसा एप्लिकेशन है जो भारत के 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों में घर बैठे सेवा बुक करने का अवसर प्रदान करता है। आप एक से अधिक सेवाएं चुन सकते हैं और इन्हें एक ही ऑर्डर में शामिल कर सकते हैं।
यदि आपकी सेवा में कोई भी समस्या हो, तो आप हमारी श्री मंदिर ग्राहक सेवा टीम से 💬7829661119 या 📞08071174417 पर संपर्क कर सकते हैं। हमारी टीम आपकी सहायता के लिए हमेशा तत्पर है।
"हम एक लाभकारी (For-Profit) तकनीकी कंपनी हैं, जो मंदिरों एवं/या पंजीकृत चैरिटेबल संस्थाओं (जैसे NGOs, सेक्शन 8 कंपनियाँ एवं ट्रस्ट्स) के लिए स्वैच्छिक दान के संग्रह और वितरण की प्रक्रिया को सुगम बनाती है। हम अपनी सेवाओं के लिए एक मामूली सेवा/प्रोसेसिंग शुल्क (यदि लागू हो) लेते हैं, और सभी लेन-देन पूर्णतः सुरक्षित एवं पारदर्शी होते हैं। हमारी भूमिका केवल दानकर्ताओं और दान प्राप्त करने वाली संस्थाओं के बीच सुरक्षित एवं पारदर्शी लेन-देन को सक्षम बनाने तक सीमित है। हम FCRA (विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम) के अंतर्गत अनुमति के बिना किसी भी विदेशी अंशदान को न तो आमंत्रित करते हैं और न ही स्वीकार करते हैं।"
"हम स्वयं को चैरिटेबल ट्रस्ट, धार्मिक न्यास या गैर-लाभकारी संस्था के रूप में प्रस्तुत नहीं करते हैं, जब तक कि ऐसा स्पष्ट रूप से उल्लेखित न हो और वह संस्था प्रासंगिक कानूनों के अंतर्गत विधिवत पंजीकृत न हो। आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80G के अंतर्गत कर छूट केवल तभी लागू होती है, जब दान प्राप्त करने वाली NGO के पास वैध 80G प्रमाणपत्र हो और उसने उसी के अनुरूप रसीद जारी की हो। हम किसी भी कर लाभ की गारंटी नहीं देते, जब तक कि उसे स्पष्ट रूप से उल्लेखित न किया गया हो। हमारे प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग करके, आप यह स्वीकार करते हैं कि आपका दान स्वैच्छिक है और आप स्वयं अपने दान से जुड़े कानूनी, कर एवं वित्तीय प्रभावों की पुष्टि करने के लिए पूर्णतः जिम्मेदार हैं।"