🌺 महाष्टमी पर माँ बगलामुखी और माँ प्रत्यांगिरा के आशीर्वाद से मिलेगी बुरी शक्तियों से मुक्ति! 🔱✨🙏
🌺 इस दुर्लभ अवसर को जाने न दें! श्री मंदिर के माध्यम से शीघ्र इस महा अनुष्ठान के भागी बनें। 🔱🙏✨
नवरात्रि के नौ दिन भक्तों के लिए अत्यंत पवित्र होते हैं, जिनमें वे श्रद्धा और नियमों के साथ माँ दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की उपासना करते हैं। शास्त्रों में अष्टमी तिथि का विशेष महत्व बताया गया है, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि जो फल संपूर्ण नवरात्रि की पूजा-अर्चना से प्राप्त होता है, वही केवल अष्टमी के व्रत और विशेष पूजन से भी मिल सकता है। इसी कारण इसे महाष्टमी कहा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन माँ दुर्गा ने चंड-मुंड नामक राक्षसों का वध किया था। मान्यता है कि इस दिन माँ दुर्गा की दस महाविद्याओं में से एक, माँ बगलामुखी की साधना से शत्रुओं पर विजय, नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा और न्यायिक मामलों में सफलता प्राप्त की जा सकती है। माँ बगलामुखी, जिन्हें स्तंभन शक्ति की देवी माना जाता है, भक्तों के शत्रुओं का नाश करती हैं और जीवन की बाधाओं को दूर करती हैं। वहीं, देवी प्रत्यंगिरा, जो आदिशक्ति का अत्यंत शक्तिशाली और दुष्ट शक्तियों का नाश करने वाला स्वरूप मानी जाती हैं, अपने भक्तों को हर प्रकार की नकारात्मकता से मुक्त कर दैवीय सुरक्षा प्रदान करती हैं।
इसीलिए महाष्टमी के इस पावन अवसर पर महाकाल की नगरी उज्जैन के माँ बगलामुखी मंदिर में 25 ब्राह्मणों द्वारा एक भव्य अनुष्ठान का आयोजन किया जा रहा है। इसमें ‘बगलामुखी-प्रत्यंगिरा कवच पाठ’, 1,25,000 बगलामुखी मूल मंत्र जाप एवं हवन संपन्न किया जाएगा। बगलामुखी-प्रत्यंगिरा कवच पाठ शक्तिशाली छंदों एवं मंत्रों की एक विशिष्ट श्रृंखला है, जो माँ बगलामुखी एवं माँ प्रत्यंगिरा के दिव्य आशीर्वाद को प्राप्त करने के लिए की जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस कवच का पाठ करने से देवी की शक्तियों का संचार होता है, जिससे भक्तों को शत्रुओं पर विजय, अद्भुत आत्मबल एवं सुरक्षा का वरदान प्राप्त होता है। इसके अतिरिक्त, माँ बगलामुखी के मूल मंत्र का 1 लाख 25 हजार बार जाप करने से यह सिद्ध हो जाता है और साधक को हर प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति प्राप्त होती है। आप भी महाविद्याओं को समर्पित इस विशेष अनुष्ठान में श्री मंदिर द्वार भाग लें और देवियों के आशीर्वाद से बुरी शक्तियों एवं नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति तथा दैवीय सुरक्षा प्राप्त करें।