स्वामीनारायण जयंती 2025 की तिथि, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त जानें। इस पावन अवसर पर भगवान स्वामीनारायण की कृपा प्राप्त करें!
स्वामीनारायण जयंती भगवान स्वामीनारायण के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाई जाती है। यह पर्व चैत्र शुक्ल नवमी को आता है, जो राम नवमी के दिन ही होता है। इस दिन स्वामीनारायण मंदिरों में भव्य उत्सव, भजन-कीर्तन, कथा-वाचन और महाआरती का आयोजन होता है।
लोगों को अधर्म के रास्ते से हटा कर धर्म के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करने और समाज कल्याण में अपना योगदान देने के लिए इस देश में समय-समय पर तमाम विभूतियां जन्म लेती रही हैं, उन्हीं में से एक हैं भगवान स्वामीनारायण। देशभर में रामनवमी के उत्साह के साथ ही भगवान स्वामीनारायण जयंती का उत्साह भी उनके अनुयायियों में खूब रहता है। विश्वभर में फैले स्वामीनाराण संप्रदाय के लोगों के लिए ये पर्व विशेष महत्व रखता है।
स्वामीनारायण जयंती प्रति वर्ष हिंदू महीने चैत्र के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है। जिसके अनुसार साल 2025 में ये पर्व 06 अप्रैल, रविवार को मनाया जाएगा। इसी दिन देशभर में राम नवमी उत्सव का भी आयोजन किया जाएगा।
ऐसा कहा जाता है कि स्वामी नारायण का जन्म 1781 में चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर हुआ था। दिनांक के अनुसार देखें तो उस दिन 3 अप्रैल की तारीख थी। स्वामी जी उत्तर प्रदेश के छपिया गांव में जन्में थे। आपको बता दें कि छपिया अयोध्या के पास ही स्थित है। जिस दिन उनका जन्म हुआ, उस दिन बड़ी ही आस्था एवं उत्साह से राम नवमी का उत्सव भी मनाया जा रहा था। राम नवमी के पावन अवसर पर बालक के जन्म लेने पर स्वामीनारायण के पिता हरिप्रसाद व माता भक्ति देवी अत्यंत प्रसन्न हुए।
स्वामीनारायण को बाल्यावस्था में घनश्याम नाम से पुकारा जाता था। कहते हैं कि घनश्याम की जन्मपत्री देखकर ज्योतिषियों ने भविष्यवाणी की थी कि यह बालक लोगों को सही दिशा दिखाकर उनका मार्ग प्रशस्त करेगा, एवं उनके कष्टों का निवारण करेगा।
जन्म के समय की गई भविष्यवाणी के अनुसार स्वामीनारायण ने समाज सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर काम किया और अपना बहुमूल्य योगदान दिया। स्वामीनारायण जयंती का दिन स्वामीनारायण समुदाय के अनुयायियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दिन वो स्वामीनारायण जी के द्वारा बताए गए नियमों का पालन करने का संकल्प लेते हैं, साथ ही जनमानस के लिए कल्याणकारी कार्यों में अपना योगदान देते हैं।
इस अवसर पर विश्व भर में स्थित स्वामीनारायण के मंदिरों में भगवान स्वामीनारायण की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। स्वामीनारायण संप्रदाय के अनुयायी इस दिन स्वामीनारायण द्वारा दी कई उत्तम शिक्षा का प्रचार-प्रसार करते हैं।
स्वामीनारायण संप्रदाय से जुड़ने के पश्चात् उनके अनुयायी स्वामीनारायण जी के द्वारा बनाए गए कुछ नियमों का पालन करते हैं, जो उनके लिए अनिवार्य होता है।
स्वामीनारायण संप्रदाय के प्रसिद्ध मंदिरों की बात करें तो इनमें अक्षरधाम मंदिर, नई दिल्ली, अक्षरधाम मंदिर, अहमदाबाद एवं स्वामीनारायण मंदिर अहमदाबाद प्रमुख हैं।
आपको बता दें कि स्वामीनारायण जयंती के अवसर पर हर वर्ष भारत देश के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों में स्थित स्वामीनारायण मंदिरों में विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है।
तो दोस्तों, ये थी स्वामीनारायण जयंती से संबंधित संपूर्ण जानकारी। आप भी इस दिन स्वामीनारायण जी के द्वारा दिखाए गए मानवता के रास्ते पर चलने का संकल्प लें। ऐसी ही धार्मिक व अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां निरंतर पाते रहने के लिए जुड़े रहिए श्री मंदिर एप पर।
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