चंद्र दर्शन का शुभ मुहूर्त, महत्व एवं पूजा विधि
चंद्र दर्शन का शुभ मुहूर्त, महत्व एवं पूजा विधि

चंद्र दर्शन का शुभ मुहूर्त, महत्व एवं पूजा विधि

यह पूजा है लाभकारी और कल्याणकारी


चंद्र दर्शन 2024 (Chandra Darshan 2024)

पुराणों में चंद्र देव को पूजनीय देवताओं में से एक माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार,चंद्रमा मन का निर्देशक माना जाता है। चंद्र दर्शन के दिन चंद्र देव की पूजा अर्चना करना अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकता है, इसलिए हिंदू धर्म में इस तिथि का विशेष महत्व है। आज हम इस तिथि के महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक बात करेंगे साथ में हम ये भी जानेंगे कि इस दिन क्या करें और क्या न करें।

अमावस्या के बाद अगले दिन या दूसरे दिन को चन्द्र दर्शन दिवस कहा जाता है। चंद्रमा 'नवग्रहों' में से एक ग्रह है और पृथ्वी पर जनजीवन को प्रभावित करता है। ऐसा माना जाता है कि जिस व्यक्ति पर चंद्र देव का आशीर्वाद रहता है, उसे सफलता और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। चंद्र दर्शन के दिन चंद्र देव को प्रसन्न करने के लिए भक्त, सुख-समृद्धि की कामना करते हुए पूजा व व्रत रखते हैं।

चंद्र दर्शन के दिन करें चंद्रमा के इस शुभ मुहूर्त में दर्शन (Chandra Darshan 2024 Shubh Muhurat)

हिंदू पंचांग के अनुसार, वैसाख मास के शुक्ल पक्ष में चंद्र दर्शन की तिथि 09 मई 2024 को होगी। इस दिन चंद्र दर्शन का समय शाम 06 बजकर 33 मिनट से रात 08 बजकर 01 मिनट तक रहेगा।

चंद्र दर्शन का महत्व (Importance Of Chandra Darshan)

यह पूजा कई मायनों में लाभकारी और कल्याणकारी मानी जाती है। चंद्र दर्शन के दिन चंद्रमा की पूजा से मन को शांति मिलती है। साथ ही जीवन में सफलता के अनेक रास्ते खुलते हैं, साथ ही सद्बुद्धि की भी प्राप्ति होती है। वहीं जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा नीच या अशुभ स्थिति में मौजूद होता है उन्हें अपने जीवन में तमाम परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकता है। इसलिए कहा जाता है कि ऐसी कुंडली वाले लोग यदि चंद्र दर्शन के दिन चंद्र देवता की उपासना के साथ व्रत रखते हैं तो चंद्र से उत्पन्न होने वाले उनके ग्रह दोष शांत हो जाते हैं।

इस दिन ब्राह्मणों को कपड़े, चावल और चीनी समेत अन्य चीजों का दान करना फलदायी माना जाता है। साथ ही व्रत रखने वाले उपासक इस बात का ध्यान रखें कि चंद्र देव के दर्शन और उनकी पूजा के बाद ही व्रत का पारण करें। इन उपायों से आपके जीवन में शीतलता और शांति आएगी। साथ ही इस दिन पूजा का भी विशेष महत्व है, इसलिए चंद्र दर्शन व्रत की पूजा विधि श्री मंदिर पर देखना न भूलें।

चंद्र दर्शन की पूजा विधि (Chandra Darshan Puja Vidhi)

  • चंद्र तिथि के दिन सुबह उठकर चंद्र देव का स्मरण करें और व्रत का संकल्प लें।
  • इसके बाद स्नान आदि कार्यों से निवृत होकर पूरे विधि-विधान से घर के मंदिर में पूजा-पाठ करें।
  • पूजा के समय चंद्र दर्शन की व्रत कथा अवश्य सुनें। इसके बाद पूरा दिन फलाहार करके व्रत रखें।
  • शास्त्रों के अनुसार, चंद्र दर्शन की तिथि के दिन, शाम के समय चंद्र देव की पूजा की जाती है।
  • चंद्र देव को सबसे पहले अर्घ्य दें, इसके बाद उन्हें पुष्प, दीप, नैवेद्य, रोली और अक्षत अर्पित करें और चंद्र देवता को खीर का प्रसाद अर्पित करें।
  • चंद्र भगवान की पूजा करते समय इस मंत्र का जाप करें- “ॐ क्षीरपुत्राय विद्महे अमृत तत्वाय धीमहि, तन्नो चन्द्रः प्रचोदयात्” चंद्रमा की विधिवत पूजा अर्चना करने के बाद व्रत का पारण करें।
  • चंद्र दर्शन पर दान देना भी एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है, इसके बिना आपका व्रत संपूर्ण नहीं होता है। तो इस प्रकार चंद्र देव की पूजा-अर्चना का फल आपको मिलेगा और आपके जीवन में सुख-समृद्धि के द्वार खुल जाते हैं।

श्री मंदिर द्वारा आयोजित आने वाली पूजाएँ

देखें आज का पंचांग

slide
कैसा रहेगा आपका आज का दिन?
कैसा रहेगा आपका आज का दिन?
srimandir-logo

श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 50 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

Address:

Firstprinciple AppsForBharat Private Limited 435, 1st Floor 17th Cross, 19th Main Rd, above Axis Bank, Sector 4, HSR Layout, Bengaluru, Karnataka 560102

Play StoreApp Store

हमे फॉलो करें

facebookinstagramtwitterwhatsapp

© 2025 SriMandir, Inc. All rights reserved.